दुर्लभ प्रजाति के औषधीय पौधों का किया रोपण

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । तहसील परिसर में एसडीएम सौरभ मिश्रा के मार्गदर्शन में तहसीलदार एसआर देशमुख के नेतृत्व में उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए पौधों का पटवारी , राजस्व कर्मचारी एवं अधिवक्ताओं द्वारा विभिन्न प्रजाति के विलुप्तप्राय औषधीय पौधों का रोपण किया गया ।
बहुमूल्य पौधों को संरक्षित करते हुए उनके पोषण के उद्देश्य से चारों ओर तार फेंसिंग के साथ प्रत्येक कर्मचारी एवं पटवारी की अनिवार्य रूप से जिम्मेदारी निर्धारित की गई है कि उनके द्वारा लगाए गए एक-एक पौधे को पोषित कर वृक्ष बनाए जाने का दायित्व वह निभाएंगे ।
पौधों के विशेष जानकारी तहसीलदार एसआर देशमुख ने देते हुए बताया कि पौधारोपण के लिए ऐसे पौधों का चयन किया गया है जोकि विलुप्तप्राय प्रजाति में देखे जा रहे हैं । आज रोपित किए गए औषधीय पौधों से आमजन को औषधि लाभ के साथ पर्यावरण को भी लाभ होगा । इससे वायुमंडल में ऑक्सीजन सृजित होगी और इनके द्वारा जड़ों से भूमिगत जल भंडार शुद्ध होकर औषधीय गुणों से परिपूर्ण होगा जो मानव जाति के लिए हितकारी बनेगा ।
रोपित औषधीय पौधों में हर्रा , बहेड़ा, आंवला, अमलतास, कोसम, अगस्त, शहतूत, मुनगा, खिरणी, रुद्राक्ष, विघारा, शिवनाक, पारस पीपल, हरसिंगार, शिकाकाई, मौलश्री, पुत्रजीवी , सालपर्णी , कालराठी, काला शीशम, अर्जुन, जंगली बादाम, दिन का राजा, सुदर्शन, कुलंजन, हसकंद, चित्रांग, सर्पगंधा, सतावरी, पत्थरचूर, इंसुलिन, काली हल्दी, आमा हल्दी, दमवेल, कुमरा, वैजयंती, सोबच, लेमनग्रास, बच, शुगर किलर, कालमेघ, अडूसा, हड़जोड़, बैजंती, सोमवली, अनार इत्यादि औषधीय प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया है । तहसीलदार एसआर देशमुख ने बताया कि आज जिनके द्वारा पौधों का रोपण किया गया । उनका वायु दूत के रूप में रजिस्ट्रेशन कर पौधों को वृक्ष होने तक संरक्षण करने का संकल्प दिलाया गया। उनका कहना है कि नीम, जामुन, आम, पीपल, बरगद, तुलसी, गुलमोहर इत्यादि जैसे पौधों का रोपण प्रायः सभी जगह हो रहा है । लेकिन हमारा उद्देश्य विलुप्त हो रहे औषधीय महत्व के पौधों का रोपण एवं संरक्षण किया जाना है ताकि आने वाली पीढ़ी इसका लाभ उठाते हुए इससे परिचित भी रहे ।



