आरटीओ ने फूटा की तरह बांटे सड़क पर बस संचालन के परमिट

परमिटधारी गाड़ी MP04 PA 4240 सड़क पर दौड़ रही MP10 P 0999
प्रतिस्पर्धा की होड़ में सवारियों की जान से खिलवाड़, 130 रुपये किराए को किया 80 रुपए।
लापरवाही से बस चलाकर नाबालिग छात्र को किया घायल छात्र एम्स के आईसीयू में भर्ती।
रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । भोपाल के आईएसबीटी से सुबह 8.10 पर न्यू रायल स्टार बस क्रमांक MP10 P 0999 ने एलएनसिटी के 16 वर्षीय नाबालिग छात्र जो कोचिंग के लिए जा रहा था उसको बस स्टैंड से निकलते समय टक्कर मारकर भाग निकली जब मौके पर पहुंचे परिजनों ने जानकारी जुटाई तो न्यू रायल स्टार बस का पता चला और उन्होंने रिश्तेदारों को फोन कर दिया जिसपर बस को बाड़ी टोल नाके से पकड़ी और बाड़ी थाने में खड़ी कराई ।
भोपाल आईएसबीटी से संचालित होने वाली बसें जो भोपाल से बाड़ी,बरेली देवरी तक जाती हैं जिसमें भोपाल आईएसबीटी से निकलने का समय देव 8.05 भोपाल से गाडरवारा, न्यू रायल स्टार 8.10 बजे भोपाल से देवरी डोभी केपीटल 8.15 भोपाल से तेंदुखेडा, 8.50अटवाल बस भोपाल से तेंदुखेडा ।
दो बसों में पांच पांच मिनट व अटवाल में 45 मिनट का अंतर हैं लेकिन आरटीओ भोपाल द्वारा समय निर्धारित किया जिसमें न्यू रायल स्टार का बाड़ी पहुंचने का समय 10.50 और अटवाल का भी पोन घंटे बाद भी बाड़ी पहुंचने का समय 10.50 हैं ।
परमिट किसी और बस नंबर का संचालित और कोई बस
भोपाल अंतर-राज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) से देश के अनेक राज्यों में यहां से बसों का संचालन किया जाता है लेकिन भोपाल आरटीओ की नजर इस अंतर राष्ट्रीय बस टर्मिनल से निकलने वाली बसों की जांच भी फ़ौरी तौर नहीं की जाती जिसके चलते मध्यप्रदेश सरकार को राजस्व का नुकसान तो होता ही हैं वहीं बीमा फिटनेस नहीं होने से दुघर्टना में घायलों और मृतक व्यक्तियों को बीमा लाभ नहीं मिल पाता और ऐसी हालत में मोटर मालिक मोटर थाने में छोड़ देता और पुलिस उसके मालिक पर तक नहीं पहुंच पाती । इस मामले की जानकारी के लिए जब भोपाल आरटीओ जतिन शर्मा से मोबाइल लगाना तो उन्होंने मोबाइल नहीं उठाया।
आरटीओ आंखों पर पट्टी बांध कर बांट रहा परमिट ।
सुगम यातायात के लिए सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों को चाहिए कि वह सुपर फास्ट बसों के समय पर गंतव्य तक सकुशलता से पहुंचा जा सके इसके लिए परमिट जारी समय बस का मौके पर सूक्ष्मता से निरिक्षण करना चाहिए। कई बसें बीस से पच्चीस साल पुरानी होने के बावजूद आरटीओ आंखें बंद करके परमिट जारी कर देता नतीजतन दुघर्टना का खुला निमंत्रण।



