वनों को आग से बचाने किया जा रहा जागृत

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । वन परिक्षेत्र अधिकारी अरविंद अहिरवार द्वारा अलग-अलग क्षेत्र के अंदर वनक्षकों की टीमें गठित कर लोगों को विभिन्न माध्यमों से वनों को आग से सुरक्षित रखने, आग लगने के कारणों आदि की जानकारी देकर वनों की आग कैसे बुझाई जाए इसके लिए लोगों को विभिन्न प्रकार से जागृत करने का कार्य कर रहे है। उनके कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए जिला वन अधिकारी विजय कुमार ने विभिन्न जंगलों का निरीक्षण भी किया।
वनों को आग से बचने के लिए जहां दीवार लेखन कराया गया है। वनों की सुरक्षा के लिए जिन युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है उनके मध्य क्रिकेट मैच आयोजित कर खेल प्रेमियों को भी वनों को आग से बचाने के लिए प्रशिक्षित करते हुए वन परिक्षेत्राधिकारी ने बताया कि महुआ संग्रहण के समय वन क्षेत्र में सूखे पत्तों को न जलाएं ।जंगल में आग लगने से खाना और पानी की तलाश में शाकाहारी वन्यप्राणी बस्ती की ओर आने लगते हैं शाकाहारी वन्य प्राणी जब बस्ती की ओर आने लगते है तो इनकी गन्ध से मासाहारी वन्यप्राणी भी बस्ती की ओर आने लगते है और ये पालतू मवेशियों की और आकर्षित होने लगते है। जब जंगल में लगातार आग रहती है तो वन्य प्राणियों के मन में मनुष्य के प्रति भय और डर का जन्म होता है। जिससे सामना होने पर आक्रमण की संभावना बढ़ जाती है, लगातार वनों में आग लगने से जमीन के खिसकने भूस्खलन की संभावना बढ़ जाती है, वन हमें विरासत में मिले हैं। अपने पर्यावरण का संरक्षण एवं सम्बर्धन और साथ ही वन्यजीवों के प्रति दया भाव प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है, अतः हम सबको इसका पालन करना चाहिए वनों में आग लगाना दण्डनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर दोषी के विरुद्ध दंड के प्रावधान है। वनो में आग बुझाते समय हवा की दिशा का ध्यान रखे हवा के विपरीत खड़े होकर ही आग बुझाएं आग बुझाते समय मुँह और नाक को कपड़े से बांध लें और ज्यादा देर धुंए में न रहे इससे व्यक्ति मूर्छित हो सकता है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी ने अपील की है कि यदि जंगल मे आग लगी दिखाई दे तो स्वयं को अग्नि से बचाते हुए आग को बुझाने का प्रयास करते हुए वन विभाग को सूचित अवश्य करें।



