उपाध्याय का दो टूक जवाब आपको आवश्यक लगे तो डिगाल कटवा दो , पीडब्ल्यूडी टाइम कीपर की मनमानी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 25 जून 2022 को होने जा रहे हैं जिसके लिए शासन प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। लेकिन उमरियापान से मोहला रोड पर स्थित ग्राम पंचायत टोला के ग्राम टोला में चुनाव के लिए पोलिंग बूथ बनाया गया है जिसकी तैयारियां देखने के लिए अधिकारियों का आना जाना भी लगा रहता है । लेकिन उमरियापान टोला रोड के बीचों बीच बबूल के वृक्ष की एक डिगाल कई दिनों से झूल रही है जबकि इस रोड से बसें एवं दोपहिया वाहन सैकड़ों की संख्या में निकलते हैं। जिससे वाहन चालकों को आवागमन मैं असुविधा का सामना करना पड़ रहा है । उमरियापान मोहला रोड के टाइम कीपर मृत्युंजय उपाध्याय से जब ग्राम के प्रतिष्ठित नागरिक परसराम मिश्रा ने उक्त बबूल की डिगाल काटवाने के लिए फोन किया तो उक्त महासय का उत्तर था कि यदि आवश्यक हो तो आप ही कटवा दो अन्यथा तीन-चार दिन बाद कटवा दी जाएगी। श्री मिश्रा ने बताया कि उमरियापान से टोला सड़क किनारे लगी झाड़ियों की छटनी तक नहीं करवाई जाती जबकि इस रोड में अनगिनत अंधे मोड़ है साड़ियों के कारण सामने से आ रहे वाहन तक नहीं दिखते और ना ही संकेत बोर्ड भी नही लगे जिस कारण से आए दिन दुर्घटनाएं का आंदेशा बना रहता है। इसके बावजूद पिछले दिनों बड़ी प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की गई थी लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के कानो मैं जूं तक नहीं रेंगी। टाइम कीपर मृत्युंजय उपाध्याय की जॉइनिंग तब से उमरियापान मैं हुई है तब से एक ही जगह पर जमे हुए हैं इस कारण से इनके द्वारा कार्य के प्रति घोर लापरवाही बरती जा रही है। इसके बावजूद विभाग द्वारा सड़कों की मरम्मत तक नहीं करवाते और कागज में कार्य दर्शाकर उक्त राशि का बंदरबांट कर लिया जाता है। टाइम कीपर उपाध्याय को शासन प्रशासन का कोई डर नहीं है और ना ही इतनी समझ है कि पोलिंग बूथ की तैयारी देखने प्रशासनिक अधिकारी यहीं से गुजरते हैं तथा पोलिंग पार्टी कि बस भी इसी रोड से आएंगी तो उस डिगाल को कटवा कर रोड से अलग करवा दी जाए। लेकिन टाइम कीपर मृत्युंजय उपाध्याय का एकमात्र कार्य है कि झंडा चौंक में बैठकर मोबाइल की बटनो को दबाने का रहता है।
टाइम कीपर मृत्युंजय उपाध्याय को किस बात की तनख्वाह देता है पीडब्ल्यूडी विभाग के उच्च अधिकारियों से अपेक्षा कि है कि
ऐसे गैर जिम्मेदार कर्मचारी पर अंकुश लगाया जाए और काम के प्रति जिम्मेदारी की हिदायत विभागीय अधिकारीयों को देना चाहिए ।



