मध्य प्रदेश

उमरियापान में मुर्दे जलाने नहीं मिल रही लकड़िया, वन मंडल में जलाऊ लकड़ी नहीं मिलने से बढ़ रही मुश्किलें

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । वन विभाग उमरियापान में अंतिम संस्कार के लिये भी लकड़ी नहीं मिल रही है। स्थिति यह है कि उमरियापान या आसपास के गांवों में जब किसी व्यक्ति का निधन हो जाता है तो परिजन वन विभाग ऑफिस उमरियापान से लकड़ी ले जाकर अंतिम संस्कार, क्रिया कर्म करते थे। लिहाजा काफी समय से उमरियापान वन ऑफिस में लकड़ी खत्म है और जब कोई व्यक्ति लकड़ी लेने के लिये ऑफिस जाता है तो ऑफिस में पदस्थ सरकारी नुमाईदों के द्वारा यह कह दिया जाता है कि हमारे यहां लकड़ी खत्म हो गई है, लकड़ी लेना है तो बंधी जाना पड़ेगा। मजबूरी में मृतक व्यक्ति के परिजनों द्वारा बंधी से लकड़ी लाकर अंतिम संस्कार किया जाता है।
लग रही आर्थिक चपत
उमरियापान वन मंडल में लकड़ी खत्म होने के कारण अंतिम क्रिया कर्म के लिये बंधी से लकड़ी लाना पड़ता है जिस कारण से एक ओर तो आर्थिक चपत लग रही वहीं दूसरी ओर समय की बर्बादी हो रही है। सूत्रों ने बताया कि काफी समय से उमरियापान वन ऑफिस में लकड़ी खत्म है लेकिन अधिकारी हाथ में हाथ रखे बैठे और उनके द्वारा यह कह दिया जाता है कि हमें गाड़ी नहीं मिल रही है जैसे ही गाड़ी की व्यवस्था होगी लकड़ी की व्यवस्था कर दी जायेगी।
जनप्रतिनिधि बैठे हाथ में हाथ रखे
यहां पर एक महत्वपूर्ण प्रश्र यह भी है कि क्या जनप्रतिनिधि मात्र चुनाव के लिये ही बने है क्या। इनका समाज से कोई लेना देना नहीं है? ऐसा हम इसलिये कह रहे है क्योंकि काफी समय से यही स्थिति उमरियापान वन विभाग ऑफिस में बनी हुई है इसके बाद भी जनप्रतिनिधियों के मुंह में दही जमा हुआ है और इनके द्वारा आज दिनांक तक किसी भी प्रकार का पत्राचार किसी उच्च अधिकारी को नहीं किया गया है। वहीं अगर दूसरी ओर किसी जनप्रतिनिधि के कोई काम रूके होते तो इनके द्वारा तुरंत ही पत्राचार कर दिया जाता है और अपनी पहुंच आदि बताकर अपने काम करवा लिये जाते है लेकिन उपरोक्त मामला एक आम व्यक्ति से जुड़ा होने के कारण सभी पार्टियों के नेता हाथ में हाथ रखे बैठे है।

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