कृषिमध्य प्रदेश

फसल को भारी नुकसान : रात को बारिश के साथ चली तेज हवा से आड़ी हुई धान की फसल, किसानों को नुकसान

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। क्षेत्र में मौैसम खराब होने से तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे किसानों की खेतों में खड़ी धान की फसल आड़ी हो गई। वहीं क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की सोयाबीन फसल कटी हुई खेतों पड़ी थी। बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से कटी फसल को भारी नुकसान हो गया है। किसानों ने प्रशासन से धान सहित सोयाबीन फसल का सर्वे कराने की मांग की है। क्षेत्र में अलसुबह 4 बजे करीब तेज हवा के साथ तेज बारिश हुई थी। इसके अलावा रविवार शनिवार व को भी क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई है।
इससे खेतों में खड़ी सोयाबीन और धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बारिश के साथ चली तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल आड़ी हो गई है। बारिश के कारण क्षेत्र के तहसील गैरतगंज सिलवानी बेगमगंज उदयपुरा बरेली सुल्तानपुर बाड़ी सहित आसपास के कई गांव में धान व सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
बारिश के कारण फिलहाल सोयाबीन की कटाई बंद हो गई है। इस बार फसल की कटाई में भी किसानों को अधिक राशि खर्च करना पड़ रही है। खेत गीले होने के कारण खेतों में हार्वेस्टर, रीपर आदि नहीं आ पा रहे हैं। इस कारण किसानों को मजबूरी में मजदूरों से फसल कटाना पड़ रही है। मजदूरों की कमी के कारण मजदूर फसल कटाई करने के अधिक पैसे मांग रहे हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है। वहीं बारिश के कारण फसल का दाना दागी होने के कारण उसका दाम भी सही नहीं मिलेगा।
75 फीसदी से अधिक का नुकसान होने की आशंका….
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस बार भी किसानों की खरीफ की फसल बारिश के कारण खराब हो गई है। किसानों की उड़द की फसल पहले ही खराब हो गई है। अब सोयाबीन और धान की फसल भी बारिश के कारण खराब हो गई है। बारिश के कारण सोयाबीन और धान की फसल में 75 फीसदी से अधिक नुकसान हो गया है। किसानों ने प्रशासन से एक बार फिर क्षेत्र में सर्वे कराने की मांग की है। इससे किसानों को मुआवजा मिल सके और वह आगामी रबी सीजन की फसल की बोवनी की व्यवस्था कर सके। खरीफ की फसल में तो किसानों की लागत भी नहीं निकल रही है। किसानों ने पहले ही कर्ज लेकर खरीफ फसल की बोवनी की थी।

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