1814 करोड़ का ड्रग्स : जेल में तैयार हुआ तस्करों का नेटवर्क; फर्नीचर बनाने के नाम पर किराए से ली फैक्ट्री

रिपोर्टर : नरेश सिंह राजपूत
भोपाल । प्रदेश की राजधानी भोपाल के बगरौदा गांव स्थित प्लॉट नंबर एफ-63 में ड्रग्स की फैक्ट्री चल रही थी। इसकी भनक भोपाल पुलिस को तब लगी जब गुजरात एटीएस और एनसीबी की 15 सदस्यीय टीम ने फैक्ट्री पर दबिश दी। कवर देने कटारा हिल्स पुलिस फैक्ट्री के बाहर तैनात थी। शनिवार दोपहर 12 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई ने एटीएस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। ड्रग्स बनाने के केमिकल को तौलना शुरू किया तो मात्रा 907 किलो तक पहुंच गई। यह कार्रवाई रात करीब नौ बजे तक चलती रही।
बरामद ड्रग्स की कीमत 1814.18 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस की दबिश के दौरान फैक्ट्री में अमित प्रकाशचंद्र चतुर्वेदी निवासी सुल्तानाबाद भोपाल और सान्याल बाने निवासी नासिक महाराष्ट्र मौजूद थे, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। वहीं, फैक्ट्री के दो मजदूरों को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया। उन्हें पता नहीं था कि फैक्ट्री में केमिकल के नाम पर ड्रग्स तैयार की जाती है। मामले में तीसरे आरोपी हरीश आंजना उम्र 32 साल को भी पकड़ा गया है।
अब तक की जांच में पता चला है कि ड्रग्स तस्करी का ये इंटरनेशनल नेटवर्क जेल में तैयार हुआ। आरोपी ड्रग्स खरीदने के लिए क्रिप्टो करेंसी का भी इस्तेमाल करते थे।



