एसडीएम के रीडर को लोकायुक्त ने तीस हजार रिश्वत लेते पकड़ा
जमीन गड़बड़ी मामले में कार्रवाई करने के लिए मांगी थी घूस
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
नीमच । प्रदेश में रिश्वतखोरी पर लगाम नहीं लग पा रही है। आए दिन लोकायुक्त पुलिस की कार्यवाही होने के बाद भी अधिकारी कर्मचारियों में रिश्वत लेने का कोई भय नहीं है, वह खुलेआम नागरिकों से सेवा शुल्क की मांग करते है। ऐसे ही एक मामला में आज फिर प्रदेश के नीमच जिले में उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जहा जावद एसडीएम कार्यालय के रीडर को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है । जमीन की गड़बड़ी मामले में कार्रवाई करने के लिए रीडर ने घूस की मांग की थी। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप की कार्रवाई की गई।
नीमच जिले के जावद में ग्राम उमर के निवासी मोहम्मद हारून नीलगर से नोटिस जारी करने और कार्रवाई के लिए रीडर ने 30 हजार रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत फरियादी ने लोकायुक्त उज्जैन की टीम से की. जिस पर लोकायुक्त की टीम मौके पर पहुंची और एसडीएम कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड 3 रीडर कालूलाल खैर को तीस हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
निरीक्षक लोकायुक्त उज्जैन दीपक सेजवार ने बताया कि फरियादी मोहम्मद हारून नीलगर की कोई जमीन है। जिसे इनके भाई और भाभी द्वारा अवैध रूप से सौदा कर दिया था। इस संबंध में एसडीएम कार्यालय जावद में शिकायत की थी, कि रीडर कालूलाल खेर ने नोटिस जारी करने और कार्रवाई के लिए 30 हजार की मांग की है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।



