ज्योतिष

आज का पंचांग बुधवार, 21 दिसम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 21 दिसम्बर 2022

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।
🔱 21 दिसम्बर 2022 दिन बुधवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज प्रदोष एवं मासशिवरात्रि व्रत भी है। आप सभी सनातनियों को दोष एवं मासशिवरात्रि व्रत की हार्दिक शुभकामनायेँ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – त्रियोदशी 22.16 PM तक तत्पश्चात चतुर्दशी
✏️ तिथि के स्वामी – त्रियोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी और चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है।
💫 नक्षत्र – विशाखा 8.33 AM तक तत्पश्चात अनुराधा
🪐 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- विशाखा नक्षत्र के देवता इंद्राग्नी (इंद्र और अग्नि) और स्वामी बृहस्पति देव जी है।
📢 योग : धृति – 09:26 पी एम तक शूल
⚡ प्रथम करण : गर – 11:35 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : वणिज – 10:16 पी एम तक विष्टि
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो, यात्रा करनी ही हो तो धनिया, तिल की वस्तु, ईलायची अथवा पिस्ता खाकर यात्रा कर सकते है।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:47:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:13:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:20 ए एम से 06:15 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:47 ए एम से 07:10 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 02:02 पी एम से 02:44 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:18 पी एम से 05:42 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:29 पी एम से 06:51 पी एम
💧 अमृत काल : 09:01 पी एम से 10:29 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:52 पी एम से 12:47 ए एम, दिसम्बर 22
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 08:33 ए एम से 06:33 ए एम, दिसम्बर 22
☄️ धृति योग – आज रात 9 बजकर 26 मिनट तक
🌊 अमृतसिद्धि योग – आज सुबह 8 बजकर 33 मिनट से अगली सुबह 6 बजकर 33 मिनट तक
☀️ विशाखा नक्षत्र – आज सुबह 8 बजकर 33 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-हरे फल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शिव मंदिर में हरे फल भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/अमृतयोग/प्रदोष व्रत/मास शिवरात्रि/शिशिर ऋतु प्रारंभ, अमिताभ बच्चन की मां तेजा बच्चन पुण्य तिथि, मोतीलाल वोरा (भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस नेता) पुण्य तिथि, महान् साहित्यकार महावीर प्रसाद द्विवेदी, पुण्य तिथि, ठाकुर प्यारेलाल सिंह (‘सहकारिता आन्दोलन’ के प्रणेता) जयन्ती, यू. आर. अनंतमूर्ति (लेखक भारत) जन्म दिवस, मूल प्रारंभ, उत्तरायणारंभ
✍🏽 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🏘️ Vastu Tips 🏚️
वास्तु नियमों की अनदेखी आपके हंसी-खुशी से भरे घर को बर्बाद कर सकती हैं. घर में खुशहाली और समृद्धि के लिए हमेशा वास्तु नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है. अगर आप वास्तुदोष को नहीं झेलना चाहते तो इन नियमों का पालन जरूर करें.
पति-पत्नी झगड़ा ना करें वास्तुशास्त्र में बताया गया है कि सूर्य के डूबने पर कभी भी घर की लक्ष्मी यानि की स्त्री को लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए. ऐसा करने पर घर में कंगाली आ जाती है. घर की स्त्री हमेशा इस बात को ध्यान रखें कि वो ही घर में समृद्धि का कारक है. ऐसे में सूर्यास्त में पर कभी वाद विवाद ना करें
घर का मेन गेट बंद ना करें शाम को जब सूर्यास्त होता है तो अपने घर के मेन गेट को कुछ देर के लिए खोल दें. ऐसा करने पर घर में धन और समृद्धि बनी रहती है. ये समय मां लक्ष्मी के प्रवेश का होता है, ऐसे में मेन गेट को बंद करके आप उनका प्रवेश रोक रहे होते हैं.
सफाई का काम नहीं करें वास्तुशास्त्र में बताया गया है कि सूर्य के अस्त होने के बाद कभी भी सफाई का काम यानि की झाडू को हाथ नहीं लगाना चाहिए. शाम के वक्त ऐसा करने पर मां लक्ष्मी नाराज हो जाती है और आर्थिक हानि उठानी पड़ती है. लेकिन अगर आपको किसी वजह से सफाई करनी भी हो तो अपने हाथों से कचरे को उठाकर घर के कोने में रख दें, याद रहे कचरा घर के मेन गेट पर ना हो.
तुलसी का पौधा पूजनीय होता है. हमारे शास्त्रों में इसकी महत्ता बतायी गयी है. लेकिन शाम के वक्त भूल से भी इसके पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. ऐसा करने पर लक्ष्मीपति विष्णु जी नाराज हो जाते हैं और घर का सुख चैन प्रभावित होता है. शाम को तुलसी के पौधे पर घी का दीपक जरूर जलाएं.
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां
पानी खड़े हो कर पिएंगे तो क्या होगा अगर आप खड़े होकर पानी पीते हैं तो इससे अल्सर और सीने में जलन हो सकती है। इसका कारण यह है कि आप जो तरल पदार्थ पीते हैं वो डाइजेस्टिव एंजाइम और पेट के एसिड को धो देता है। नतीजतन, खाना नहीं पचेगा और एसिड जूस बढ़ेगा और आपको जलन महसूस होगी। इसके अलावा खड़े होकर पानी पीने से शारीरिक तरल पदार्थ संतुलित नहीं हो पाते हैं, जिससे जोड़ों में तरल पदार्थ जमा हो जाते हैं और गठिया हो सकता है।
दूध खड़े होकर पीना चाहिए ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आप खड़े हैं, तो आपके दूध का कैल्शियम आपके शरीर तक पहुंचता है। ये आपके ब्लड सर्कुलेशन के जरिए तेजी से आपके शरीर के सभी हिस्सों तक पहुंच जाता है, जो दूध के हर पोषक तत्व को अवशोषित कर लेता है। इससे आपको दूध का पोषण मिल जाता है।
🍶 आरोग्य संजीवनी 🍯
डाइजेशन ठंड के मौसम में डाइजेशन सिस्टम बहुत स्लो हो जाता है, जिसकी वजह से कुछ भी खाने के बाद लोगों को एसिडिटी और सीने में जलन की समस्या होने लगती है। ऐसे में यदि आप नियमित रूप से सिर्फ दो छुहारे का सेवन करेंगे तो आपका डाइजेशन सही रहेगा।
इम्यूनिटी सिस्टम छुहारा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। ये इम्यून सेल्स को मजबूत बनाने का काम करता है। रोजाना दूध में दो छुहारे उबालकर पीने से आपकी इम्यूनिटी अच्छी हो जाएगी।
सर्दी-जुकाम मौसम बदलने की वजह से लोगों को सर्दी-जुकाम की समस्या बड़ी जल्दी घेर लेती है। जल्दी न ठीक होने पर सिरदर्द, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण भी महसूस होने लगते हैं। ऐसे में अगर आप रोजाना दो छुहारे का सेवन करेंगे तो इससे आपका शरीर गर्म रहेगा और सर्दी-जुकाम जैसी समस्या भी नहीं सताएगी। तो सोच क्या रहे हैं आप, आज ही इसे अपनी डाइट में शामिल करें और रहें फिट।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
अगर आपका कोई अपना आपसे रूठ गया हो, आपको किसी के साथ समझौता करना हो या आपके प्रेम-विवाह में किसी प्रकार की परेशानी चल रही है या फिर आपको किसी के साथ अपने प्रेम का रिश्ता आगे बढ़ाना हो, तो दिन बहुत ही अच्छा है। साथ ही साथ इस योग में किए गए कार्य से मान-सम्मान की प्राप्ति भी होती है। ऐसे में इंदु प्रकाश से जानिए जीवन में चल रही समस्त परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए शुक्रवार के दिन कौन से उपाय करने चाहिए।
अगर आपके अंदर कॉन्फिडेंस लेवल कुछ कम हो गया है और आप अपना काम ठीक ढंग से नहीं कर पा रहे हैं, तो इस दिन सफेद मोतियों की माला गले में धारण करें। ऐसा करने से आपके अंदर जल्द ही कॉन्फिडेंस लेवल बूस्ट होगा और आप अपना काम ठीक ढंग से करने में समर्थ होंगे।
अगर आर अपनी जिंदगी में तरक्की को तेज रफ़्तार से बढ़ाना चाहते हैं तो इस दिन सफेद रंग के फूल वाले पौधे की जड़ में पानी डालें। साथ ही मंदिर में कपूर की डिब्बी दान करें। ऐसा करने से आपकी जिंदगी में तरक्की तेज रफ़्तार से आगे बढ़ेगी।
अगर आप अपने जीवनसाथी को कामयाबी हासिल करते देखना चाहते हैं, तो इस दिन घर में कोई चांदी की वस्तु खरीदकर लाएं और उसे मंदिर में स्थापित करके उसकी पूजा करें। पूजा के बाद उस चांदी की वस्तु को आज पूरा दिन मंदिर में ही रखा रहने दें। अगले दिन स्नान आदि के बाद उस चांदी की वस्तु को मंदिर से उठाकर आप अपने पास रख सकते हैं या उसे उपयोग में ला सकते हैं। ऐसा करने से आपके जीवनसाथी को हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल होंगी।
अगर आप समाज में अपनी एक अलग पहचान कायम करना चाहते हैं या दूसरे के बीच अपना रुतबा बढ़ाना चाहते हैं तो इस दिन एक मुट्ठी चावल और थोड़ी-सी मिश्री एक कपड़े में बांधकर मन्दिर में दान कर दें। ऐसा करने से समाज में आपकी एक अलग पहचान बनेगी और दूसरे लोगों के बीच आपका रुतबा बढ़ेगा
अगर आप अपने कर्तव्यों को जिम्मेदारी पूर्वक निभाना चाहते हैं, तो इस दिन अपनी माता के पैर छूकर आशीर्वाद लें। ऐसा करने से आप अपने कर्तव्यों को जिम्मेदारी पूर्वक निभाने में सफल होंगे।
अगर आप अपनी आर्थिक स्थिति को और बेहतर बनाना चाहते हैं, तो इस दिन चंद्रदेव के मंत्र का 108 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है – ‘ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:’ ऐसा करने से आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी।
अगर आप अपनी बातों से लोगों को प्रभावित करना चाहते हैं, तो इस दिन रात को अपने सिरहाने के पास एक बर्तन में जल भरकर रखें। फिर सुबह उठने के बाद उस जल को किसी पेड़-पौधे की जड़ में डाल दें। ऐसा करने से आपकी बातों से लोग प्रभावित होंगे।
अगर आप संगीत के क्षेत्र में उन्नति करना चाहते हैं, तो इस दिन एक मिट्टी के दिए में 2 कपूर जलाकर मां सरस्वती के आगे रखें। साथ ही देवी मां को ताजे पुष्प चढ़ाएं। ऐसा करने से संगीत के क्षेत्र में आपकी उन्नति होगी।
अगर आपको अपने ऑफिस में काम करने में कुछ परेशानी आ रही है, तो इस दिन सफेद दक्षिणावर्त्ती शंख की पूजा करके मन्दिर में रखें। ऐसा करने से आपको अपने ऑफिस में आ रही परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।
अगर आप अपने जीवन में छोटी-मोटी पारिवारिक चीजों को लेकर भी जल्द ही परेशान हो जाते हैं, तो इस दिन मदार के पेड़ को प्रणाम करें। ऐसा करने से आपको परिवार से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियों से जल्द ही छुटकारा मिलेगा।
अगर आप अपने जीवन में शांति और आनन्द बनाये रखना चाहते हैं, तो इस दिन मीठे चावल बनाकर मन्दिर में दान करें। ऐसा करने से आपके जीवन में शांति और आनन्द बना रहेगा!
अगर आप अपनी संतान की तरक्की देखना चाहते हैं, तो इस दिन दूध और चावल की खीर बनाकर किसी ब्राह्मण को दान करें। ऐसा करने से आपकी संतान की तरक्की सुनिश्चित होगी।
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी हैं। कामदेव प्रेम के देवता माने जाते है । उन्हें सदैव युवा और आकर्षक रहने का वरदान है।पौराणिक कथाओं के अनुसार कामदेव, भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के पुत्र माने गए हैं। उनका विवाह प्रेम और आकर्षण की देवी रति से हुआ है।
कामदेव के हाथ में धनुष है जिसका एक कोना स्थिरता और दूसरा कोना चंचलता का प्रतीक है। कामदेव का धनुष फूलों का बना हुआ है। कामदेव जब कमान से अपना तीर छोड़ते हैं, तो उसमें कोई आवाज नहीं होती है।
कामदेव का वाहन हाथी को माना गया है। शास्त्रों में कुछ जगह कामदेव का वाहन तोते को भी बताया गया है ।
त्रियोदशी के दिन मीठे वचन बोलने, प्रसन्न रहने से जातक रूपवान होता है, उसे अपने प्रेम में सफलता एवं इच्छित एवं योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है।
त्रियोदशी को कामदेव जी का स्मरण करने से वैवाहिक सुख भी पूर्णरूप से मिलता है।

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