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गीता जयंती 2022 : कब है गीता जयंती? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्त्व

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
🔮 गीता जयंती 2022 : कब है गीता जयंती? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्त्व
📚 हिंदू धर्म में वेद, पुराण, गीता, श्रीराम चरितमानस, वाल्मीकि रामायण जैसे कई पवित्र ग्रंथ हैं. लेकिन केवल श्रीमद भगवद गीता को ही गीता जयंती 2022 तिथि मनाने का सम्मान मिला है । क्योंकि इसमें मानव जीवन से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान बताया गया है। महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन को कृष्ण की सलाह गीता जयंती महोत्सव में सुनाई गई है । ये शिक्षाएँ आज भी उतनी ही प्रभावी रूप से लागू होती हैं। भगवान कृष्ण ने इस दुनिया को भगवद गीता (गीता जयंती पूजा अनुष्ठान) के रूप में ज्ञान का खजाना दिया है। इसलिए हर साल मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को गीता जयंती शुभ मुहूर्त में मनाई जाती है . इस साल गीता जयंती 3 दिसंबर (कढ़ी आहे गीता जयंती) को है।मनाया जाएगा।
📗 गीता जयंती 2022 तिथि और शुभ मुहूर्त
👉🏼 गीता जयंती तिथि : 3 दिसंबर 2022 (शनिवार)
🌠 मार्गशीर्ष एकादशी प्रारंभ : 3 दिसंबर 2022 को प्रातः 05 बजकर 39 मिनट पर।
🌧️ मार्गशीर्ष एकादशी समाप्‍त: 4 दिसंबर 2022 को सुबह 05 बजकर 34 मिनट पर।
🎇 उदयतिथि के अनुसार 3 दिसंबर 2022 को गीता जयंती मनाई जाएगी।
🙏🏼 गीता जयंती पूजा अनुष्ठान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मोक्षदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु, भगवान कृष्ण, महर्षि वेद व्यास और श्रीमद भगवद गीता की पूजा की जाती है। इस दिन लोग एकादशी का व्रत भी रखते हैं। मोक्षदा एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और फिर भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए। उसके बाद व्रत लें और भगवान विष्णु की पूजा करें। भगवान कृष्ण और भगवान विष्णु की मूर्तियों के सामने अगरबत्ती और दीपक जलाएं। रोली, अक्षत, पीला चंदन, खावा मिठाई, पीले फूल चढ़ाते समय निम्न मंत्र का जाप करना चाहिए।
🤷🏻‍♀️ गीता जयंती का महत्व?
श्रीमद भगवद गीता हिंदू धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथों में से एक है। कुरुक्षेत्र युद्ध के दौरान भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए ज्ञान को भगवद गीता कहा जाता है। महाभारत की ग्रीष्म भूमि में, श्री कृष्ण ने भगवद गीता में एकेश्वरवाद के साथ-साथ कर्म योग, ज्ञान योग और भक्ति योग पर एक अद्भुत प्रवचन का उल्लेख किया है। इसके साथ ही भगवद गीता में यम-नियम और धर्म-कर्म का भी उल्लेख किया गया है। भगवद गीता एकमात्र ऐसा शास्त्र है जिसमें केवल एक ब्राह्मण या ईश्वर का उल्लेख है। गीता जयंती सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मनाई जाती है।
💁🏻‍♀️ गीता जयंती के दिन क्या करना चाहिए
गीता जयंती के दिन पवित्र नदियों में स्नान करके एकाग्रचित्त होकर गीता का पाठ करें। भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करें। खुद को नेगेटिव चीजों को दूर करने की कोशिश करें। इसके साथ ही गीता में दिए गए श्लोकों को अपने जीवन में अपनाने की कोशिश करें।
भगवान श्री कृष्ण का भव्य रूप का दर्शन करने के लिए गीता जयंती बहुत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है, कि इस दिन घर में गीता का श्लोक पढ़ने से घर की शांति बनी रहती है। यदि आपके घर की शांति भंग हो गई हो या लोगों में मनमुटाव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई हो, तो आप नियम से गीता का पाठ करें। फर्क खुद नजर आने लगेगा।

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