मध्य प्रदेशराजनीति

भोपाल में किसान महा चौपाल: दमोह से हजारों किसान पहुंचे, अमर सिंह के नेतृत्व में गूंजे मुद्दे

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । भोपाल में आयोजित किसान महा चौपाल कार्यक्रम में दमोह जिले से हजारों किसानों ने भाग लेकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह विशाल आयोजन मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसका संचालन किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह द्वारा किया गया।
दमोह जिले से किसानों का प्रतिनिधिमंडल जिला कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर अमर सिंह के नेतृत्व में भोपाल पहुंचा। सुबह से ही बसों और निजी वाहनों के माध्यम से विभिन्न विकासखंडों एवं ग्रामीण अंचलों से किसान रवाना हुए। किसानों में कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
किसान महा चौपाल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के किसानों की समस्याओं, चुनौतियों और मांगों को एक साझा मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम में फसल समर्थन मूल्य, खाद-बीज की समय पर उपलब्धता, सिंचाई व्यवस्था, बिजली दरों में राहत, प्राकृतिक आपदाओं में मुआवजा, कर्जमाफी और कृषि उपज के उचित मूल्य जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर अमर सिंह ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दमोह जिले के किसानों की आवाज प्रदेश स्तर तक पहुंचाने के लिए यह सहभागिता आवश्यक थी। साथ ही किसानों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
प्रदेश किसान अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के कोने-कोने से आए किसानों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि किसान अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि संगठन किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाएगा और सरकार तक पहुंचाएगा।
कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भी किसानों को संबोधित करते हुए उनकी मांगों का समर्थन किया। मंच से यह भी कहा गया कि किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए ठोस नीतिगत निर्णय आवश्यक हैं।
दमोह से पहुंचे किसानों ने बताया कि वे अपनी फसलों के उचित दाम, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने जैसी मांगों को लेकर आए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आगे आंदोलनात्मक रणनीति भी अपनाई जा सकती है।
कुल मिलाकर भोपाल में आयोजित किसान महा चौपाल ने किसानों की एकजुटता और संगठनात्मक शक्ति का परिचय दिया। दमोह जिले से हजारों किसानों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि कृषक वर्ग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और नेतृत्व के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है।

Related Articles

Back to top button