ग्राम पंचायत खमतरा में मनरेगा मे जमकर की जा अनियमितता, जिम्मेदार मौन
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खमतरा में शासन की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा मे जमकर फर्जी हाजरी का खेल चल रहा हैं। ग्राम पंचायत खमतरा में चल रहे मनरेगा कार्य में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि सरपंच, सचिव और उपयंत्री की मिलीभगत से जमकर भ्रष्टाचार चल रहा हैं, ग्रामीणो ने कार्रवाई की मांग की हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा तहसील की ग्राम पंचायत खमतरा में वर्तमान में चल रहे मनरेगा कार्य में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। मनरेगा कार्य 2022-23 में उन लोगों के 100 दिन पूरे किए गए हैं जिन्होंने आज तक कभी भी मनरेगा में मजदूरी नहीं की। सभी मनरेगा मेटों की ओर से फर्जी हाजरी लगाई जा रही है। श्रमिक की मजदूरी भी मेट ले रहे हैं और श्रमिकों को झांसा दिया जा रहा है कि वे उनके 100 दिन पूरे करेंगे तो उन्हें फ्री मोबाइल फोन, मजदूर डायरी सहित अन्य लाभ मिल जाएगा। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत खमतरा में नीचे के स्तर के सरपंच सचिव और उपयंत्री की मिलीभगत से मनरेगा कार्य में फर्जीवाड़ा हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सरपंच के खास आदमियों के 100 दिन मनरेगा में पूरे दिखाए गए हैं जबकि उन्होंने कभी मनरेगा में काम किया ही नहीं।
*इसके पूर्व में भी हों गई हैं जांच*
इसके पूर्व में भी ग्रामीणो के द्वारा शिकायत उच्च – अधिकारियो से की गई हैं जिसमें ग्राम पंचायत को नोटिस तलब किया गया था पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई हैं। आखिर इनकी जांच ना होना कही ना कही उच्च – अधिकारी संदेह के घेरे में हैं। सूत्रों के द्वारा बताया गया कि उपयंत्री का इनको संरक्षण प्राप्त हैं। जिसकी वजह से इनके द्वारा मनरेगा में जमकर अनियमितता की जा रही हैं। इसी तारतम्य में ग्राम पंचायत के द्वारा निर्माण कार्य नहीं करवाये जाते पर बिल लगाए जाते हैं अगर इनकी उच्च – स्तरीय जांच हों जाए तो इनके कार्यों से पर्दा उठेगा।
*ग्राम पंचायत में लगा गंदगी का अंबार*
जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत खमतरा इन दिनों गंदगी को लेकर सुर्खियां बटोर रही हैं। वही गंदगी होने के कारण अनेकों बीमारियां फैल रही हैं। ग्राम पंचायत खमतरा में जलभराव, कीचड़, गंदगी आदि से मलेरिया, वायरल आदि रोग फैल रहे हैं। अधिकांश घरों में कोई न कोई सदस्य बीमार पड़ा हुआ है। अधिकांश स्थानों पर सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। संक्रामक बीमारियों से जूझते लोगों को अस्पताल से भी राहत नहीं मिल रही है।
*ग्रामीण विकास मंत्रालय के नियमों को दिखा रहे धत्ता*
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 के तहत गरीबों के जीवनयापन के लिए मनरेगा और नरेगा को लागू किया गया था बहरहाल ग्राम पंचायत खमतरा ग्रामीण विकास मंत्रालय के नियमों धत्ता दिखा रही हैं। सरकार का मकसद है ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों की आजीविका सुरक्षा को बढाना लेकिन ग्राम पंचायत खमतरा में व्यापक पैमाने पर मनरेगा और नरेगा योजना में पलीता लगाने का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के द्वारा अगर इनकी उच्च – स्तरीय जांच हों जाए तो इनके किए कार्यों से पर्दा उठेगा। अगर इनकी जांच नहीं हुई तो इनके हौसले बुलंद नजर आयेंगे।



