मध्य प्रदेशराजनीति

राजनैतिक पार्टियों को कल्चुरी कलार समाज की उपेक्षा आगामी विधानसभा चुनाव में पड़ सकती हे भारी

रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली । विगत दिनों भोपाल में कल्चुरी कलार समाज की एक प्रभावशाली बैठक आयोजित हुई जिसमे उपस्थित जनों ने अपनी राजनैतिक उपेक्षा पर भारी रोष जाहिर करते हुए मध्यप्रदेश में प्रमुख राजनैतिक पार्टियों द्वारा विधानसभा चुनाव में समाज जनों को प्रत्याशी ना बनाए जाने पर अगली बैठक में एक रणनीति बनाकर कर इन राजनैतिको को सबक सिखाने की बात पर बल दिया है। और मन बना लिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में यह अनदेखी करने वाली राजनेतिक पार्टियों को सबक जरूर सिखाया जाएगा। उपस्थित जनों ने कहा कि कई वर्षो से देखा यह गया है कि कल्चुरी कलार समाज के व्यक्तियों की चुनाव में टिकट देने में अनदेखी की जाती है जिसके परिणाम स्वरूप समाज के व्यक्ति निर्दलीय चुनाव लड़ कर विजय प्राप्त कर लेते हैं उसके बाद यही पार्टियां उन्हे अपने पाले में लेने के लिए एडी चोटी का जोर लगाती है वर्तमान में देखा जाय तो दिनेश (मुनमुन) राय, विधानसभा सिवनी से निर्दलीय विधायक है, स्वदेश राय सीहोर, प्रदीप जायसवाल, विधानसभा बारा सिवनी, संदीप जायसवाल विधानसभा मुड़बारा कटनी से, ये सभी कल्चुरी समाज के व्यक्ति अपने राजनैतिक कौशल एवम प्रबंधन तथा लोकप्रियता की दम पर निर्दलीय विधायक चुनाव जीते हैं पर जब जीते तो सभी पार्टियां इन्हे अपनी ओर मिलाने उठापटक करती रहीं। एक ओर जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने आपको आधा किरार आधा कलार कहते हैं पर कलार समाज की उन्नति प्रगति या उत्थान के लिए कुछ भी नही करते हैं। हमारी बहुप्रतीक्षित मांग कल्चुरी बोर्ड के गठन की एवम महेश्वर को तीर्थ क्षेत्र घोषित कर वहां हमारे आराध्य भगवान सहस्त्रबाहु जी की 51 फुट ऊंची प्रतिमा लगाने की मांग को हमेशा अनदेखा किया है और हमारे समाज के उनकी पार्टी में चार विधायक होने के बाबजूद एक को भी मंत्री नही बनाया और दूसरी तरफ कांग्रेस के मुखिया कमलनाथ जिनके छिंदवाड़ा क्षेत्र में कल्चुरी कलार समाज गांव गांव में निवास करता है पर कभी भी कल्चुरी कलार समाज के लोगो को विधानसभा चुनाव में टिकिट देने में अपनी रुचि नहीं दिखाई जबकि हमेशा कलार समाज की दम पर चुनाव जीतते रहे हैं और तो और कलार समाज के लोगो की संगठन में तो लेते पर उनकी उस संगठन में कोई तज्जबो नहीं रहती उनका राजनैतिक उपयोग भर करना जानते हैं इन्हीं सभी बातों की चर्चा के साथ उपस्थित समाज जनों ने भारी गुस्सा एवम रोष व्यक्त किया। और तय किया कि अगामी समय में कल्चुरी समाज के सभी संगठनो के साथ बैठकर अपनी आगामी रणनीति तय कर कल्चुरी कलार समाज की अनदेखी करने वाली राजनैतिक पार्टियों को सबक सिखाया जाएगा जो की भविष्य में इन पार्टियों को काफ़ी भारी पड़ेगा।

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