ग्राम सभा में आगामी विकास कार्यों के साथ GPDP पर विस्तृत चर्चा

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईंखेड़ा। ग्राम पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें ग्राम के वरिष्ठ नागरिक, युवा साथी, महिलाएँ एवं बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए।
ग्राम सभा में आगामी विकास कार्यों के साथ-साथ GPDP (ग्राम पंचायत विकास योजना) पर विस्तृत चर्चा हुई। सबसे महत्वपूर्ण विषय गाँव की शिक्षा व्यवस्था और जर्जर स्कूल भवनों का रहा।
गाँव के तीन-चार स्कूल भवन बेहद जर्जर और क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्राम सभा में यह कार्ययोजना बनाई गई कि जब तक इन स्कूल भवनों का पुनर्निर्माण नहीं हो जाता, तब तक ग्राम पंचायत में बच्चों के लिए एक सुरक्षित वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए, जहाँ प्राथमिक शाला के बच्चे बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
साथ ही ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया गया कि इन जर्जर प्राथमिक शाला भवनों को हटाकर उनके स्थान पर नए एवं सुरक्षित स्कूल भवनों का निर्माण कराया जाए।
गाँव की आबादी लगभग 2600 है। वर्तमान में बड़ी संख्या में बच्चे शिक्षा के लिए गाँव से बाहर जाते हैं, जिससे उन्हें आने-जाने में कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है। हमारा प्रयास है कि गाँव में ही बेहतर और सुरक्षित स्कूल उपलब्ध हों, ताकि हमारे बच्चे अपने गाँव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।
ग्राम सभा में स्वच्छता, जल समिति तथा आने वाले महीनों में किए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों पर भी चर्चा की गई।
साथ ही गाँव में चल रही कुछ अफवाहों और धरने-प्रदर्शन से जुड़े विषयों पर भी ग्रामीणों के साथ खुलकर चर्चा हुई। ग्रामवासियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो बातें और आरोप सामने रखे जा रहे हैं, उनका वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं है। ग्राम सभा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी को किसी विषय पर आपत्ति या शिकायत है, तो निष्पक्ष जाँच के लिए ग्रामवासी पूरी तरह तैयार हैं।
गाँव किसी भी अफवाह या भ्रम से नहीं, बल्कि शिक्षा, विकास, पारदर्शिता और सामूहिक निर्णयों से आगे बढ़ेगा।
ग्राम सभा ही गाँव की सबसे बड़ी ताकत है। गाँव का विकास — गाँव के लोगों के साथ, गाँव के निर्णय से।



