मध्य प्रदेश

4 वर्षों से बन रही पानी की टंकी, पीएचई विभाग की अनदेखी से अधर में पड़ा है कार्य

क्षेत्रीय विधायक ने किया था भूमि पूजन 8 जनवरी 2022 को
ग्राम पौड़ी जनपद पंचायत मझौली का मामला

ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जहा जल संरक्षण के साथ घर घर नल जल योजनाओं का लाभ शहरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में करने को अथक प्रयास पर लगीं हुई हैं। वहीं जिला स्तर से लेकर ब्लाक स्तर के अधिकारियों कर्मचारियों की रुचि न के बराबर देखने को मिली है।
मझौली विकासखण्ड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पौड़ी का मामला देखने को मिला हैं । ग्राम पंचायत में विगत 4 वर्षों से बन रही पानी की टंकी का निर्माण कार्य जहां मार्च 2023 में पूरा हो जाना था। वह आज भी अधूरे निर्माण के ढांचा में दिखाई दे रहीं हैं। राज्य सरकार के द्वारा क्षेत्र में जहां विकास कार्यों के लिए भारी मात्रा में धन राशि उपलब्ध कराई जाती हैं वहीं स्थानीय अधिकारियों द्वारा इसका उपयोग कागजों में पूर्ण कर दिया जाता है।
पीएचई विभाग की अनदेखी से अधर में पड़ा है कार्य – लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जबलपुर को ग्राम पंचायत पौड़ी में नल जल योजना के बड़ी पानी की टंकी कार्य निर्माण हेतु दिया गया था। जिसका भूमि पूजन एवं शिलान्यास क्षेत्रीय विधायक के द्वारा 8 जनवरी 2022 को किया गया था।
कार्यपालक अधिकारी एवं वर्तमान सरपंच तक नहीं हैं सही जानकारी – ग्राम पौड़ी में बनाई जा रही हैं पानी की टंकी को लेकर मीडिया प्रतिनिधि ने जब इसकी जानकारी लेना चाही तो उन्हें भी इस ओर ध्यान से गुमराह करने और उचित जानकारी से पल्ला झाड़ दिया गया।
क्यों नहीं हुआ समय रहते टंकी निर्माण कार्य – जब हम क्षेत्र में विकास और निर्माण की बात करते हैं तो जिला स्तर से लेकर स्थानीय प्रशासन की अहम भूमिका होती है। पर जहां उच्च अधिकारी टी एल समीक्षा बैठक में कार्य की गुणवत्ता के साथ इसकी प्रगति की बात करते हैं तब केवल एक ही बात रखी जाती हैं वह है जल्द हो जायेगा। क्या किसी प्रबल माननीय के इशारे पर कार्य रुका हुआ हैं। ये बड़ा ही सोचने और समझने वाला विषय है?
हमारे मीडिया प्रतिनिधि के द्वारा बारीकी के साथ टंकी निर्माण को लेकर जांच पड़ताल – विगत 4 वर्ष बीत जाने के बाद ग्राम पौड़ी में बन रही पानी की टंकी, पीएचई विभाग की अनदेखी से अधर में पड़ा है कार्य देखन को मिला हैं जिसकी जिम्मेदारी पूरी वहीं नहीं चाहत जल्द हो निर्माण।
इस विषय को लेकर बीते वर्ष 13 जुलाई 2024 जुलाई को विकास खण्ड मझौली में स्थानीय विधायक एवं कार्यपालक अधिकारी की उपस्थित में बैठक द्वारा चर्चा की गई थी। फिर कार्य ठंडे बस्ते में चला गया। वहीं 28 मार्च को पुन नल जल योजनाओं को लेकर बैठक पुनः बैठक की गई।
क्या समय बीत जाने के बाद भी कार्य के लिए और समय देना उचित है या फिर अधिकारी और ठेकेदार की लापरवाही से आम जनता को परेशानी उठानी पड़ेगी। बड़ा ही विचित्र समय देखने को मिला रहा हैं। जब अधिक सूर्य की तपन और बूंद बूंद पानी के लिए जनता परेशान होती हैं तब अधिकारी कर्मचारी इन योजनाओं को पूर्ण करने रुचि दिखाने मैदान में नजर आने लगते हैं।
ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर कार्यपालक अधिकारी तक रहे इससे दूर – विकास खण्ड मझौली ग्राम पंचायत पौड़ी के टंकी निर्माण में स्थानीय प्रशासन और वर्तमान सरपंच की बात जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने सीधे मना कर दिया कि इस पर हम क्या करे ये तो लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी हैं जिन्होंने इतना समय लगा दिया।
पानी बिन सून निर्माण, पानी बिन अधूरा निर्माण – स्थानीय प्रशासन द्वारा पानी की समस्या को निर्माण अधूरा करने की बात 28 मार्च 2025 मार्च को विकास खण्ड मझौली में नल जल योजना की बैठक में कही। जबकि पहले भी विकास कार्य पानी के टैंकरों के माध्यम से होते चले आ रहे हैं। अब स्थिति और भी अच्छी होने के बाद भी लापरवाही से पल्ला झाड़ लिया। जो टंकी 25 से 30 लाख की लागत राशि से दो वर्ष पहले बन कर तैयार हो जानी थीं। उसका निर्माण कार्य पिछले एक वर्ष से अधिक समय से बंद पड़ा हुआ हैं।

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