जो शास्त्र विमुख होता हैं वह जन्म मरण से मुक्त नही होता : आचार्य सुरेंद्र शास्त्री

रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी। सिलवानी अंचल के ग्राम मुआर में श्रीराम चरित्र मानस सम्मेलन कथा में उदयपुरा नर्मदाचल क्षेत्र से पधारे हुए कथा वाचक आचार्य पंडित सुरेंद्र शास्त्री ने कहा जो व्यक्ति शास्त्र विमुख होता है वह कभी मोक्ष की प्राप्ति नही कर पाता, इंद्रियों जो मानव वश में न रखने बाला मनुष्य वेद सम्मत कर्मो का आचरण नही करता वह विकर्म रूपी अधर्म के कारण मृत्यु के बाद पुनः मृत्यु को प्राप्त होता है।अर्थात जन्म मरण से मुक्त नही होता है।
आचार्य पंडित सुरेंद्र शास्त्री उदयपुरा, पंडित विष्णुदत्त शर्मा, संत कमलनयनदास महाराज, राजेंद्र शास्त्री चौरास ने कथा वाचन करते हुए कहाकि गौवंश की सुरक्षा करे गौ वंश को अपने घर पनाह दे।
कथा का वाचन करते हुए आचार्य पंडित सुरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि आज भारत में गौवंश की क्या स्थिति है। इस का जिम्मेदार सिर्फ मानव है। सनातन संस्कृति में गौ को माता का अधिकार दिया गया है पर आज गौवंश दर दर भटक रहा है। जब माता का दर्जा है तो मां की सेवा करो, मानव के सभी धर्म, पुण्य और जन्म लेना बेकार है जो गोवंश की सेवा नही करता है। आज गाय माता भूखी प्यासी भटक रही है। यदि गाय नही रही दे इस राष्ट्र का कल्याण कैसे होगा, मानव का कल्याण कैसे होगा।मनुष्य अपने आलस छुपाने के कारण गौवंश को छोड़ रहा है। याद रखो गौवंश का पाप जितना पुरुष को लगेगा उतना ही महिलाओं को भी। इसलिए गोवंश की सेवा करो ये गोवंश भगवान राम की गाय है। इसलिए इनकी सेवा करे सही सनातनी और हिंदू वही है जो गाय माता की सेवा करें। गाय को घर में रखे गाय माता के दर्शन मात्र से मनुष्य के लाखो प्रकार की बीमारियां भाग जाती है। मनुष्य को स्वास्थ्य रहना है अपना कल्याण करना है तो गौ माता को अपने घर रखे। और सेवा करें।



