डेंगू की आशंका के चलते एंटी लार्वा का छिड़काव शुरू, सरकारी अस्पताल में टेस्ट कराने की अपील
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । गत दिनों भोपाल के बंसल अस्पताल में मनोज ठाकुर की बुखार के चलते मौत होने पर डेंगू से मौत होना बताया गया था जिसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है फिर भी स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन संबंधित के मकान के आसपास एंटी लारवा का छिड़काव कराया है वहीं आसपास के मकानों में भी लारवे की जांच कराई गई 10 स्थानों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे सभी सैंपल नेगेटिव पाए गए हैं किसी में भी डे़गू का लारबा नहीं पाया गया । जो भी ऐसे मरीज जिनका बुखार ठीक नहीं हो रहा है और शरीर पर लाल चकत्ते आ रहे हैं उनके ब्लड का सैंपल जांच के लिए जिला चिकित्सालय अथवा अन्य लैब में भेजा जा रहा है क्योंकि सिविल अस्पताल में डेंगू की जांच नहीं हो पा रही है अभी तक किसी भी मरीज में डेंगू होने की पुष्टि जांच में नहीं पाए जाने की बात स्वास्थ्य विभाग कह रहा है।
सिविल अस्पताल के बीपीएम जय सिंह ने बताया कि एसडीएम अभिषेक चौरसिया के निर्देश पर आज फिर लार्वे की जांच करने के लिए टीम को मनोज ठाकुर के मकान सहित आसपास के मकानों में भेजा गया वहां से सैंपल लेकर फिर से जांच के लिए भेजे गए हैं।
सीबीएमओ ने की अपील:- डेंगू से बचाव के लिए हमें सोते समय मच्छरदानी का उपयाेग करना चाहिए। वहीं, आसपास में पानी जमा नहीं हाेने दें। घर में कूलर या अन्य किसी बर्तन में 3 दिन से अधिक तक पानी रखा नहीं रहने दे । खुली नालियों में केरोसिन या जला आयल डालकर हम लार्वे को समाप्त कर सकते हैं हम आस-पास सफाई पर जाेर देकर डेंगू से बच सकते हैं।
प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ एनएस-1 किट से जांच की जाती है, जो स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू जांच की पुष्टि के लिए मान्य नहीं है। लोगों से अपील है कि अगर किसी काे ठंड के साथ बुखार, शरीर में लाल चकत्ते आने जैसे लक्षण हों तो तत्काल सिविल अस्पताल आकर जांच कराएं।




