दरोगा बनीं लेडी एसआई की मां : थाना बना मायका, कॉन्स्टेबल बना भाई
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
भोपाल । भोपाल के महिला थाने की एक पहल जनचर्चा बनी हुई है। यहां एक एसआई ने चाइल्ड लीव मांगी तो थाने को फूलों और गुब्बारों से सजा दिया गया। उनको लीव पर भेजने से पहले गोद भराई की रस्म पूरी की गई।
फरियादियों की आवाजाही से भरा रहने वाला महिला थाना फूलों से सजाया गया। चारों और गुब्बारे लगाए गए। पूरे स्टाफ ने खुशियां मनाईं। मौका था- एसआई की गोद भराई की रस्म का। एसआई ने चाइल्ड लीव मांगी, तो उनको लीव के साथ खुशियां भी दी गईं। थाने का पूरा स्टाफ उनका मायका बना।
एसआई करिश्मा राजावत ग्वालियर की रहने वाली हैं। उनका 8वां महीना है। इस माह में गर्भवती महिला किसी भी तरह की यात्रा नहीं कर सकती। इसको देखते हुए करिश्मा ने टीआई अंजना धुर्वे को चाइल्ड लीव का आवेदन दिया था। उन्होंने इसे मंजूरी दी और महिला थाने में गोद भराई रस्म भी करा दी।
एक घंटे चले कार्यक्रम में पूरा स्टाफ करिश्मा का मायका बन गया। टीआई अंजना धुर्वे ने मां बनकर उसकी गोद भराई की रस्म शुरू की। आरक्षक प्रदीप शर्मा ने भाई बनकर फलों से गोद भरकर रस्म पूरी की। स्टाफ में शामिल 25 महिला कर्मचारियों ने बहन, सहेली और अन्य रिश्तेदार की भूमिका निभाई। 13 पुरुषों ने मायके वाले बनकर अपना दायित्व पूरा किया।
कुछ पल के लिए भूल गई थाने में नहीं, मायके में हूं
एसआई करिश्मा ने कहा कि वे कुछ पल के लिए थाने को भूल गई थीं। उन्हें लगा कि वे मायके में हैं। उनका शानदार स्वागत हुआ। टीआई अंजना धुर्वे ने हाथ पकड़कर वैसे ही प्रवेश कराया है, जैसे मायके में बहनें कराती हैं।
खुशियां और दुख में पुलिस हमेशा साथ
एसीपी महिला सुरक्षा निधि सक्सेना ने कहा कि पुलिस में ड्यूटी करने वाले अधिकारी संवेदनशील हैं। पुलिस कर्मचारी अपना ज्यादा वक्त थाने में गुजारते हैं। उनकी खुशियां और दु:ख में पुलिस परिवार उनके साथ है। गोद भराई की रस्म अनोखी पहल का हिस्सा है। जो यह दिखाती है कि पुलिस प्रशासन अधीनस्थ स्टाफ के साथ है।



