देर से डयूटी आना, शाम को जल्दी जाना, नहीं थम रही शिक्षकों की मनमानी, बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । शासन के द्वारा जहां एक ओर बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिये नित नये-नये प्रयास हो रहे है वहीं दूसरी ओर जिन शिक्षकों पर बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की जिम्मेदारी है वह नकारा साबित हो रहे है और ढीमरखेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में यही हाल है और ज्यादातर शिक्षक सुबह के समय देर से स्कूल पहुंचते है और समय से पहले ही स्कूल बंद करके डयूटी से इतिश्री कर लेते है।
उक्त मामले का पर्दा उस समय उठ गया जब विगत दिवस देवरी मंगेला हाईस्कूल का निरीक्षण करने के लिये जिले से पांच सदस्यीय टीम पहुंची। टीम ने पहुंचने पर पाया कि 11 बजे के बाद भी तीन में से मात्र 1 ही शिक्षक पहुंचे थे और दो शिक्षक गायब थे। हालांकि इस संबंध में काफी समय से शिकायत मुख्यालय पहुंच रही थी लेकिन बीईओ और बीआरसी के संरक्षण के कारण ऐसे लापरवाह कर्मचारियों पर कार्यवाही नहीं हो पाती है। लिहाजा ग्रामीण क्षेत्रों में हाल ये हो गये है कि स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के द्वारा आपस में संगामित्ती कर ली गई है कि आज तुम छुट्टी पर रहना, कल मैं रहूंगा और परसो कोई और रहेगा लेकिन वेतन पूरा लिया जा रहा है इससे एक ओर जहां शासन से भारी भरकम वेतन लिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर इनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी किया जा रहा है।
अतिथि शिक्षक भर्ती करने में हो रही गड़बड़ी
स्मरण रहे कि वर्तमान में कई स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त है। लिहाजा शासन द्वारा अतिथि शिक्षकों को नियुक्त किया जा रहा है जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो लेकिन अधिकांश स्कूलों में जो भी हैड मास्टरों के द्वारा अपने सगे संबंधियों को तमाम नियमों को दरकिनार करते हुये नियुक्त किया जा रहा है जिससे प्रतिभाशाली दूसरे व्यक्ति अपने हक से वंचित हो रहे है। इस मामले को लेकर भी देवरी मंगेला हाईस्कूल प्रभारी प्राचार्य नरेन्द्र कुमार तंतुवाय की शिकायत अधिकारियों को की गई थी जिसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभारी प्राचार्य को फटकार भी लगाई गई थी लेकिन इनकी कांनों में जूं तक नहीं रेगी और मनमाने तारीके से उनके द्वारा अतिथि शिक्षकों की भर्ती की गई।
प्रभारी प्राचार्य से छीने अधिकार
देवरी मंगेला हाईस्कूल पहुंची टीम के द्वारा मौके पर यह पाया गया कि प्रभारी प्राचार्य और पदस्थ स्टॉफ के द्वारा घोर लापरवाही बरतते हुये अतिथि शिक्षक भर्ती, कैश रजिस्टर, शिक्षक डायरी, तथा आये दिन समय से पहले स्कूल बंद दिया जाना पाया गया। इस मामले में कार्यवाही करते हुये डीईओ ने तत्काल प्रभाव से प्रभारी प्राचार्य नरेन्द्र कुमार तंतुवाय से अधिकार छिन लिये गये है वहीं स्कूल में पदस्थ आशुतोष पर भी जल्द ही कार्यवाही हो सकती है।
ढीमखड़ा विकासखंड में यही हाल
यहां पर यह उल्लेखनीय है कि यह कोई एक स्कूल का मामला नहीं है बल्कि ढीमरखेड़ा तहसील के अधिकांश स्कूलों के यही हाल है और ज्यादातर शिक्षक अपने डयूटी समय पर नहीं पहुंचते है और छुट्टी के समय भी समय से पहले ही गायब हो जाते है। विभागीय सूत्रों ने यह भी बताया कि कुछ ऐसे भी शिक्षक है जो बिना किसी अवकाश के ही गायब रहते है जब कभी मन हो गया तब महोदय का आगमन हो जाता है।
अप-डाउन से व्यवस्था हो गई चौपट
कुछ वर्षों में शिक्षा को जो स्तर गिरा है वह यह बंया कर रहा है कि सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वाहन सही तरीके से नहीं किया जाता है जिस कारण से लगातार परिणाम भी अच्छे नहीं आ रहे है। वहीं दूसरी ओर ढीमरखेड़ा तहसील में कई ऐसे स्कूल है जहां पर पदस्थ शिक्षक अप-डाउन करते है और कोई सिहोरा, जबलपुर एवं कटनी से रोज आते है जिस कारण से ये न तो समय से पहुंचते है और न ही अपनी पूरी डयूटी करते है, जिनते भी कर्मचारी बाहर से अप-डाउन करते है इनको जाने की जल्दी पडती है ।
नियमित हो निरीक्षण तो खुलेगी पोल
इस संबंध में यदि अधिकारियों द्वारा लगातार स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाये तो हकीकत स्वयं ही सामने आ जावेगी। वहीं दूसरी ओर प्राईवेट स्कूलों की तरह ही सरकारी स्कूल में भी पढ़ाई का चार्ट निर्धारित किया जाये जिससे बच्चों का भविष्य बर्बाद न हो सके और सरकार द्वारा शिक्षा पर भारी भरकम बजट खर्च किया जाता है उसकी सार्थकता बच्चे के भविष्य को संवारने में हो सके। बहरहाल पिछले दिवस जो कार्यवाही देवरी मंगेला हाईस्कूल में हुई है उससे कुछ लापरवाह शिक्षक डरे हुये है और समय से स्कूल पहुंच रहे है।



