नर्मदा नदी में डूबी दो दर्जन से दुकाने, हजारो का सामान बहा
रिपोर्टर : नीलेश पटेल
उदयपुरा, रायसेन । बरगी बांध जबलपुर से बिना सूचना छोड़ा गया पानी, जिसमे दो दर्जन से अधिक दुकाने डूबी, हजारो का नुकसान, लोगो का सामान बहा, वही महिलाओ के वस्त्र बदलने के वस्त्रागार भी डूबे। मप्र के मुखिया ने नर्मदा सेवा यात्रा द्वारा साफ़ स्वच्छता का सन्देश दिया था, वहीं नर्मदा के तटों पर रोजी रोटी कमाने वाले जीवन यापन कर सके । लेकिन नर्मदा नदी पर वना वरगी वांध से बिना सूचना के पानी निकल जा रहा हैं जिससे नर्मदा नदी के किनारे बसे निचले क्षेत्रों में नर्मदा नदी का जल स्तर बढ़ गया जिससे नर्मदा नदी के घाटो पर लगी दुकानों में पानी भर जाने से दुकानदारो की रोजी रोटी का जरिया कम हो गया हैं। यह दुकानदार रोज अपनी दुकानों को दस से पंद्रह फिट ऊपर हैं दुसरे दिन दुकाने जल स्तर बदने से पानी में आ जाती हैं। जितना कमाते हैं उतना धन ऊपर कर दुकान बनाने में हो रहा हैं। नर्मदा नदी के दर्जनों घाटो पर लगी दुकाने पानी में डूब गई।
रायसेन जिले के उदयपुरा, बरेली तहसील के कई दर्जनों ग्राम माँ नर्मदा नदी के किनारे वसे हैं जो श्रद्धालुओ के स्नान के लिए शुभ फल देने वाले नर्मदा तट के घाट हैं जवकि जबलपुर, नरसिंगपुर, रायसेन, नर्मदापुरम (होशंगावाद) सहित और जिलो के भी ग्राम नर्मदा किनारे बसे हैं । लेकिन हम सिर्फ रायसेन जिले के नर्मदा घाटों की बात कर रहें जिनसे यह अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि अचानक जबलपुर के वरगी डेम से पानी छोड़ने से कितने गरीवो की रोजी रोटी खतरे में हैं। रायसेन जिले के बोरास, चोरास, अन्घोरा, केल्कछ, केतोघान, अलीगंज सहित दर्जनों ग्राम के घाटो में जल स्तर बढ गया हैं रोजाना इन घाटो पर दुकाने पानी में डूब रहीं हैं वही जल स्तर बढ जाता हैं। वही लोगो की दुकानों में भी आये दिन डूबने से सामान बह रहा है। माह में चार से छै बार बिना सूचना के डेम से पानी छोड़ा जाता हैं। जिसकी सूचना न तो उस इलाको के थानों को दी जाती और न ही तहसीलदारों को दी जाती हैं आज तक न तो तहसीलदार ने सर्वे किया हैं और न ही एसडीएम। ने सेकड़ो लोगो की रोजी रोटी जो नर्मदा तटों पर दुकाने लगा कर चल रही थी। वह भी अब परेशान हो चुकी हैं। यह लोग कर्ज लेकर दुकाने लगाते हैं और बिना सूचना के डेम से पानी छोडा जाता है।




