मध्य प्रदेश

कलेक्टर के औचक निरीक्षण के बाद एमडीएम व्यवस्था में बड़ी कार्रवाई

शासकीय माध्यमिक शाला परासई का मामला
जिला ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। जनपद पंचायत जबेरा अतंर्गत आने वाले ग्राम पंचायत परासई में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत 8 जनवरी को कलेक्टर द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला परासई का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) व्यवस्था में गंभीर लापरवाही उजागर हुई, जिस पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की।
ग्रामीणों व छात्रों ने अव्यवस्थाएं बताई।
निरीक्षण के समय बच्चों एवं ग्रामीणों ने बताया कि मध्यान्ह भोजन का संचालन कर रही हरसिद्धी स्व-सहायता समूह, परासई द्वारा भोजन की गुणवत्ता व नियमितता में लापरवाही बरती जा रही है।
*हरसिद्धी स्व-सहायता समूह एमडीएम से पृथक*
इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दमोह प्रवीण फुलपगारे ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यान्ह भोजन के सुचारू एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने हेतु हरसिद्धी स्व-सहायता समूह को एमडीएम व्यवस्था से पृथक कर दिया गया है।
*शाला प्रबंधन समिति को सौंपी गई जिम्मेदारी*
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला परासई में मध्यान्ह भोजन संचालन की जिम्मेदारी शाला प्रबंधन समिति को सौंपी गई है। साथ ही नवीन अनुमोदित एजेंसी से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज जिला पंचायत दमोह को शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पोर्टल पर मैपिंग की प्रक्रिया पूर्ण की जा सके।
*खाद्यान्न व संसाधन नए समूह को सौंपे जाएंगे*
निर्देशानुसार शेष राशि, खाद्यान्न, बर्तन, गैस कनेक्शन एवं अन्य संसाधन नवीन एजेंसी को हस्तांतरित किए जाएंगे। इसके अलावा, मध्यान्ह भोजन बंद रहने की अवधि का खाद्य सुरक्षा भत्ता संबंधित स्व-सहायता समूह से वसूल कर बच्चों को दिलाया जाएगा।
*रसोईया मानदेय की वसूली के निर्देश*
सीईओ प्रवीण फुलपगारे ने बताया कि रसोईया मानदेय की राशि की वसूली कर संबंधित अभिलेख संधारित किए जाएंगे। साथ ही नियमानुसार नवीन स्व-सहायता समूह के चयन हेतु प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के पोषण से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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