नालसा बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवा विषय एवं शाला त्यागी बच्चों का पुनः दाखिला करवाने पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
सिलवानी । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसेन ओमकार नाथ के निर्देशानुसार, तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा शुक्रवार को शासकीय उच्चतर उत्कृष्ट माध्मिक विद्यालय सिलवानी में नालसा बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवा विषय एवं शाला त्यागी बच्चों का पुनः दाखिला करवाने पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में शासकीय उच्चतर उत्कृष्ट माध्मिक विद्यालय सिलवानी प्राचार्य एन पी शिल्पी, स्कूल स्टाफ सहित छात्र/छात्राएं मौजूद रहे।
शिविर में मुख्या वक्ता के रूप में उपस्थित अतुल यादव न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सिलवानी, द्वारा शिविर में छात्र/छात्राओं को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक जानकारी प्रदान की गई शिविर में उपस्थित छात्र/छात्राओं को बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की नालसा बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। जीवित रहने के लिए आवश्यक मूलभूत जरूरतें जैसे पोषण, आवास, उपयुक्त जीवनस्तर तथा चिकित्सीय सेवाओं का लाभ उठाना शामिल है। जीने का अधिकार – इसमें बच्चों को जीवन का अधिकार तथा बच्चों को अपने परिवार, समाज एवं देश के प्रति अपने कर्तव्य को निभाने की सलाह दी। संरक्षण का अधिकार – बच्चों को सभी प्रकार के दुर्व्यवहार, उपेक्षा व शोषण से संरक्षित करना। साथ ही शरणार्थी बच्चो की विशेष देख-रेख करना, अपराध न्याय व्यवस्था में बच्चो का संरक्षण, रोजगार में बच्चो का संरक्षण करना, उन बच्चो का संरक्षण व पुर्नवास करना, जिन्होंने किसी प्रकार के शोषण अथवा दुर्व्यवहार का सामना किया हो। भागीदारी का अधिकार इसमें बच्चों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, उनके जीवन से संबंधित मामलों में अपनी बात रखने का अधिकार, ज्योंही उनकी क्षमता का विकास होता है, बच्चों को समाज की गतिविधियों में हिस्सा लेने के तथा जिम्मेदार युवा बनने के अधिक अवसर मिलते रहे। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को पर्यावरण से होने वाले फायदों, पर्यावरण की सुरक्षा, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम एवं सजा के प्रावधान पर जानकारी दी।
उक्त शिविर में बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार प्रदेशव्यापी शालात्यागी अभियान के संबंध में विस्तारपूर्वक अवगत कराते हुए कहा कि इस अभियान के अंर्तगत ऐसे बच्चों को चिन्हित/शाला त्यागने के कारणों की पहचान करना है जिसे किसी आर्थिक समाजिक व अन्य कारणों से 12वी कक्षा उत्तीर्ण होने के पूर्व पढाई छोडने के लिए विवश होना पडा है, ऐसे शाला त्यागी बच्चों को स्कूल में पुनः दाखिला करवाने एवं उन्हें 12 वी कक्षा तक अध्ययन पूर्ण करने हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाना है ।



