मध्य प्रदेश

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना हुई हवा हवाई, सितंबर 2022 से नहीं हुआ आवंटन 300 लाडली बहना कर रही इंतजार

रिपोर्टर : राधेश्याम साहू
सिलवानी । महिलाओं को धुंए से निजात दिलाने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ पाने के लिए लाडली बहने बीते 10 माह से कनेक्शन लेने के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही हैं। अभी भी लगभग 300 से अधिक पात्र महिलाओं के आवेदन एजेंसी पर धूल खा रहे हैं। महिलाओं को योजना से संबंधित कोई भी निर्देश नहीं मिलने की बात कहकर एजेंसी संचालक लौटा रहे हैं। दूसरी ओर जिन महिलाओं के द्वारा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ लिया जा चुका है उनमें से सिर्फ 35 फ़ीसदी महिलाएं योजना का लाभ ले पा रही हैं 65 फ़ीसदी महिलाओं ने गैस सिलेंडर का दाम बढ़ने से एजेंसी की ओर रुख नहीं किया। ऐसे में प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना का लाभ जमीनी स्तर पर मिलना बंद हो चुका है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के बलिया से 1 मार्च 2016 को किया था। योजना का उद्देश्य से ग्रामीण और वंचित परिवार जो कि ईंधन के रूप में जलाऊ लकड़ी कोयला गोबर के कंडे अधिक उपयोग कर खाना पकाने में ईंधन के रूप में कर रहे थे। ऐसे लोगों को धुंए से निजात दिलाने के लिए योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण में हो रहे हानिकारक प्रभाव रोकना था। लेकिन 07 साल 07 माह तब चलने के बाद इस योजना के तहत अब पात्र महिलाओं को भी लाभ मिलना बंद हो गया है। सितंबर 2022 से योजना के तहत आने वाले लगभग 300 से अधिक आवेदन एजेंसियों पर धूल खा रहे हैं और महिलाओं को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत सिलवानी एवं ग्रामीण क्षेत्र की लगभग 16138 हितग्राही महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है।
वही हम अगर रिफिल की बात करें तो 35 प्रतिशत महिलाओं ने ही गैस सिलेंडर रिफिल कराने गैस एजेंसी तक पहुंचे हैं।
एजेंसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना के तहत सिलवानी में 16138 पात्र महिलाओं ने योजना का लाभ दिया गया था। 65 प्रतिशत महिल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के चलते रिफिल के गैस एजेंसी तरफ रुख नहीं किया।
क्या कहते हैं लाडली बहना
अनीता खुमानसिंह सिलवानी का कहना है कि सात माह पहले सिलवानी में प्रियांश इंडेन गैस एजेंसी में आवेदन जमा किया था। यह आवेदन तो पोर्टल पर दर्ज कर लिया हैं लेकिन अभी गैस कनेक्शन प्राप्त नहीं हो पाया है । लताबाई देवरी ने बताया कि मैंने भी 8 माह पहले सिलवानी एजेंसी अपने कागज जमा किए थे लेकिन मुझको अभी तक निराशा ही हाथ लगी है। आरती गोविंद का कहना है कि मैं भी सिलवानी एजेंसी पर दो-तीन बार जा चुकी हूं लेकिन एजेंसी वाले बोल रहे हैं कि जब योजना के तहत आवंटन आएगा हम आपको सूचित कर देंगे।
वही कुछ महिलाओं का कहना है कि आवेदन देंगे काफी महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सूचना हमको एजेंसी द्वारा प्राप्त नहीं हुई है मजबूरन में हमको लकड़ी के सहारे ही भोजन बनाना पढ़ रहे हैं।
लगभग 300 आवेदन पेंडिंग
प्रियांश इंडेन गैस एजेंसी पर लगभग 300 आवेदन पेंटिंग पड़े हुए हैं। एजेंसी प्रबंधक यशवंत राय बताया कि सितंबर 2022 से योजना के तहत कोई आवंटन नहीं आया है। जबकि हमारे द्वारा पोर्टल पर आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं एजेंसी के पास लगभग 300 से अधिक आवेदन आए थे जिनमें अधिकतर आवेदन पात्र पाए गए हैं।
इस संबंध में यशवंत राय प्रबंधक, प्रियांश इंडेन गैस एजेंसी सिलवानी का कहना है कि जो हमारा पुराना टारगेट था वह पूर्ण हो चुका है अब हमको नया टारगेट मिलेगा तो हम सर्वप्रथम जो आवेदन हमारे पास आ चुके हैं उनको प्राथमिकता देंगे। कब तक नया टारगेट आएगा लगभग नो माह से 300 से आवेदन आपके पास धूल खा रहे हैं के जबाव में कहा कि हमारे हाथ में कुछ भी नहीं है सारे टारगेट ऊपर से ही आते हैं जैसे ही टारगेट आएगा पात्र महिलाओं के लिए पहले प्राथमिकता दी जाएगी।

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