मध्य प्रदेश

प्रसिद्ध प्राचीन श्री राममंदिर व श्री राधाकृष्ण मंदिरो के ट्रस्ट बनाने की मांग

दशको से उपेक्षित व बन्द पडे मन्दिरो को अपने पुराने वैभव मे लाया जावे
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । अयोध्या में भगवान श्रीराम जन्मभूमि मे भव्य मंदिर बनने और उसमें रामलला की भव्य मूर्ति विराजमान होने के उपरांत अब राम भक्तों, कृष्ण भक्तों में सनातन कालीन धार्मिक भावनाए हिलोरे लेने लगी हैं इसी का प्रभाव है कि लोग राम व कृष्ण की भक्ति में लीन होना चाहते हैं। बता दे की गौरझामर मे दो ऐसे विशाल व भव्य सनातन हिन्दु मन्दिर है जो वर्षो से उपेक्षित पडे हुए है खंडहर मे तव्दिल होते इन मन्दिरो का भी अयोध्या के श्री राम मन्दिर की तरह नव निर्माण व भव्य बनाने की आवश्यकता है लोगो का कहना है कि इन मन्दिरो को लगी सैकडो एकड उपजाऊ कृषि भूमि जो गौरझामर चरगुआ जनकपुर मिर्जापुर मे होते हुए ये मन्दिर आज तक उपेक्षित व गुमनामी मे है इन मन्दिरो का शुरु से ही शोषण व दुरुपयोग किया जा रहा है। गौरझामर मे श्रीराम मंदिर नयापुरा रामघाट करन्जुआ नदी के तट पर स्थित है तथा यहां का श्रीराधाकृष्ण मन्दिर गौरझामर मे इतवारा बाजार से गुगवारा गांव जाने वाले मार्ग के बीच मे पडता है इन दोनो मन्दिरो की कहानी श्रीराम जन्म भूमि व मथुरा के कृष्ण जन्म भूमि मन्दिर जैसी ही समस्या ग्रस्त बताई जाती है क्योकि हिन्दुओ के इन प्राचीन मन्दिरो को हिन्दु सनातनियो को ही दर्शनो से वन्चित रखा गया है। जिन्हे श्रद्धालुओ की पूजा अर्चना व दर्शन हेतु खोले जाने की मांग शासन प्रशासन मुख्यमंत्री व धर्म गुरूओ से की है।

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