धार्मिकमध्य प्रदेश

देवी भागवत महापुराण के दूसरे दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

नेगई ग्राम के सिद्ध धाम में भक्ति की बयार
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया

उमरियापान। सिलौड़ी के समीपस्थ नेगई ग्राम स्थित सिद्ध धाम में आयोजित श्रीमद्देवी भागवत महापुराण एवं भद्रकाली प्रत्यंगरा महायज्ञ के द्वितीय दिवस श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी , वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया ।

कथा वाचक पंडित रूद्रांत शास्त्री ने व्यासपीठ से अपने ओजस्वी एवं मधुर प्रवचनों के माध्यम से देवी भागवत पुराण के आध्यात्मिक और व्यावहारिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मां जगदंबा का साक्षात स्वरूप है।
पंडित शास्त्री ने बताया कि देवी भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति के अंतःकरण की शुद्धि होती है और नकारात्मक विचारों का नाश होता है। उन्होंने ‘शक्ति’ के महत्व को बताते हुए कहा कि बिना शक्ति के ज्ञान और कर्म दोनों अधूरे हैं।
उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवती की शरण ही मनुष्य के कल्याण का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग है।
जिस घर में देवी भागवत की कथा होती है और जहां माता की ज्योति जलती है, वहां साक्षात लक्ष्मी और सरस्वती का वास होता है।
महायज्ञ की आहुतियों से गूंजा वातावरण
कथा के साथ-साथ आयोजित भद्रकाली प्रत्यंगरा महायज्ञ में दी जा रही आहुतियों और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। यज्ञशाला की परिक्रमा कर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की।
*भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु*
कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।  ‘जय माता दी’ के जयकारों से सिद्ध धाम गुंजायमान रहा और श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आए।
नेगई ग्राम का सिद्ध धाम इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और का केंद्र बना हुआ है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं।


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