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फिर एक मासूम शिकार हुआ झोलाछाप डॉक्टर का, दवाखाना सील कर नोटिस चस्पा किया

रिपोर्टर : पवन सिलावट
बरेली। नगर सहित क्षेत्र भर में झोला छाप डॉक्टर फफूंद की तरह उग आए है गुरुवार को ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (सीबीएमओ) डॉ. हेमंत यादव के नेतृत्व में एक झोला छाप डॉक्टर पर कार्यवाही की गई हालांकि राजपूत दवाखाना के संचालक प्रताप राजपूत छापे की भनक लगते ही क्लिनिक बन्द कर भाग गए स्वास्थ्य बिभाग की टीम ने दवाखाना सील कर नोटिस चस्पा किया। नगर में बीते दिनों झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से 17 वर्षीय दक्ष उर्फ नन्दू की मौत हो गयी थी । परिजनों ने एसडीएम प्रमोद गुर्जर को ज्ञापन देकर झोलाछाप डॉक्टर राजपूत क्लिनिक के प्रताप राजपूत पर कार्यवाही की माग की थी। बता दें कि 19 जुलाई को दक्ष राय ने तथाकथित डॉक्टर प्रताप राजपूत से दाद का इलाज कराया था डॉक्टर राजपूत और उसका बालक अमन राजपूत, दक्ष राय को तीन दीनो तक इंजेक्शन लगाता रहा जो रिएक्शन कर गए बाबजूद डॉक्टर परिजनो को आस्बाशन देता रहा की कोई भी दिक्कत नहि होगी मेरी गारंटी हे सही कर दूंगा लेकिन 17 वर्षीय मासूम बालक दक्ष उर्फ नंदू की हालत बिगड़ती ही गई बिगड़ती हालत देख परिजन दक्ष को लेकर बरेली के निजी अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे भोपाल ले जाने की सलाह दी लेकिन भोपाल ले जाते उसके पहले ही दक्ष की मौत हो गयी। बही नगर में चर्चा का विषय यह भी बना हुआ है कि राजपूत दवाखाना पर डॉ प्रताप राजपूत इलाज कम उससे ज्यादा तो उसका बालक अमन राजपूत करता है बल्कि वही यह दवाखाना चला रहा है कुछ लोगों ने यह भी बताया कि यह पहली घटना नहीं है पूर्व में भी इस डॉक्टर के इलाज ने इस घटना को जोड़कर 3 लोगों को और मौत के घाट उतारा है।
नगर सहित क्षेत्र भर में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैला हुआ है स्वास्थ्य विभाग इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही नही करता, अकेले बरेली में ऐसे 2 दर्जन से ज्यादा क्लिनिक संचालित हो रहे जिनके पास कोई डिग्री नही होगी ओर इलाज बराबर कर रहे है । अगर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन झोलाछाप फर्जी डॉक्टरों पर समय रहते कार्रवाई करते रहते तो एक मां की गोद सूनी नहीं होती। अब देखने बाली बात यह हे की स्वास्थ्य विभाग इस झोलाछाप डॉक्टर पर क्या कार्यवाही करता है । हालांकि दवाखाने को सील कर दिया गया है । और डॉक्टरों को पूरे कागज लाकर दिखाने के लिए नोटिस चस्पा किया गया है।
इस सम्बंध में डॉ हेमंत यादव सीबीएमओ बरेली का कहना है कि अनुविभागीय अधिकारी का पत्र मिला था जिसमें हमें आदेशित किया गया था कि बीते दिनों नवयुवक मंडल कलार समाज द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है की राजपूत दवाखाना पर 17 वर्षीय बालक दक्ष उर्फ नंदू राय पिता दशरथ प्रसाद राय की इलाज के दौरान मौत हो गई है जिसकी जांच की जाए।
वही मृतक बालक की मां शशि राय का कहना है कि मेरे बालक दक्ष उर्फ नंदू राय को मामूली दाद हुई थी जिसका इलाज कराने के लिए हमारे नजदीक कॉलोनी मे राजपूत दवाखाना पर इलाज कराया था जहां डॉ प्रताप राजपूत एवं उसके लड़के अमन राजपूत ने दांत के इलाज में इंजेक्शन लगाए थे जिससे मेरे बेटे का एक पैर पर सूजन आने लगी थी बार_बार हमने डॉक्टर से कहा कि यह सूजन क्यों आ रही है लेकिन डॉक्टर राजपूत और उसका बेटा अमन राजपूत हमें आश्वासन देता रहा कि बर्फ की सिकाई करते रहो यह सूजन उतर जाएगी मेरी गारंटी है कुछ नहीं होगा।और डॉक्टर के बालक अमन राजपूत ने भी दर्द के इंजेक्शन लगा कर सूजन की जगह पर बर्फ की सिकाई की लेकिन वह बढ़ती ही गई और आखिरकार हमें अपने बेटे से हाथ धोना पड़ा।

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