मध्य प्रदेश

बरेली पंचायत में विकास कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल, ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान।  ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बरेली में विकास कार्यों और शासकीय राशि के उपयोग को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं ।  ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में सीसी सड़क, नाली निर्माण, हैंडपंप खनन, चौपाल चबूतरा और शासकीय स्कूल की बाउंड्रीवाल सहित कई कार्यों के नाम पर राशि खर्च अथवा आहरित किए जाने की जानकारी सामने आ रही है, लेकिन इनमें से कुछ कार्य मौके पर दिखाई नहीं दे रहे हैं, जबकि कुछ अधूरे पड़े हैं ।  ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच के चुनाव के बाद से पंचायत में नियमित ग्रामसभा नहीं कराई गई। उनका कहना है कि ग्रामसभा के माध्यम से ग्रामीणों को पंचायत में स्वीकृत कार्यों, उनकी लागत, प्रगति और खर्च की जानकारी मिलनी चाहिए, लेकिन उन्हें इन कार्यों की पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही है ।  ग्रामीणों ने पंचायत के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और ग्रामसभा नियमित कराने की मांग की है।
*सीसी सड़क निर्माण को लेकर सवाल*
ग्रामीणों ने सीसी सड़क निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पंचायत रिकॉर्ड में सड़क निर्माण के लिए राशि खर्च अथवा आहरित दिखाई जा रही है, जबकि मौके पर संबंधित सीसी सड़क स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती । ग्रामीणों ने मांग की है कि रिकॉर्ड में दर्ज सभी सीसी सड़क कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाए और स्वीकृत राशि तथा वास्तविक निर्माण का मिलान किया जाए ।
*अधूरे चौपाल चबूतरे पर भी आपत्ति*
चौपाल चबूतरा निर्माण को लेकर भी ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य अभी अधूरा है, जबकि संबंधित कार्य की राशि पूरी तरह आहरित किए जाने की बात कही जा रही है।  ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता, सामग्री, मस्टर रोल, मजदूरों की संख्या और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है ।
*हैंडपंप खनन के नाम पर राशि निकालने का आरोप*
ग्रामीणों ने हैंडपंप खनन को लेकर भी सवाल उठाए हैं ।  उनका कहना है कि गांव में नए हैंडपंप खनन की जानकारी और मौके पर कार्य दिखाई नहीं देता, फिर भी इस मद में राशि निकाले जाने का आरोप है। ग्रामीणों ने रिकॉर्ड में दर्ज हैंडपंप स्थलों का भौतिक सत्यापन कराने तथा संबंधित भुगतान की जांच की मांग की है ।
*नाली निर्माण और सफाई की स्थिति पर नाराजगी*
गांव में नालियों की स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी और जलभराव की समस्या बनी रहती है । इसके बावजूद नाली निर्माण, मरम्मत और सफाई के नाम पर राशि खर्च किए जाने की बात सामने आने पर ग्रामीणों ने खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है ।
*गड्ढों से जूझ रहे ग्रामीण*
गांव की सड़कों की स्थिति भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है । ग्रामीणों का कहना है कि कई सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं और बारिश के दौरान उनमें पानी भर जाता है। आरोप है कि सड़क मरम्मत के लिए आवश्यक मुरुम तक नहीं डलवाई जा रही है ।  ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत और रखरखाव के नाम पर खर्च की गई राशि की भी जांच कराने की मांग की है।
*स्कूल की बाउंड्रीवाल की गुणवत्ता जांचने की मांग*
शासकीय स्कूल की बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं ।  ग्रामीणों ने निर्माण की लागत, स्वीकृति, तकनीकी मापदंड, भुगतान और उपयोग की गई सामग्री की जांच सक्षम तकनीकी अधिकारी से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल से संबंधित निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए ।
*मजदूरी भुगतान को लेकर भी शिकायत*
चौपाल चबूतरा निर्माण में काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं मिलने का आरोप भी ग्रामीणों ने लगाया है ।  ग्रामीणों का कहना है कि यदि मस्टर रोल में मजदूरों के नाम दर्ज हैं और उनके नाम से भुगतान निकाला गया है, तो संबंधित मजदूरों से पूछताछ कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए ।  मजदूरों ने भी भुगतान को लेकर शिकायत किए जाने की बात कही है ।
*सरपंच पति पर भी लगाए आरोप*
पंचायत की राशि के आहरण को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच पति जयपाल सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं ।  ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत की राशि कथित रूप से सरपंच की जानकारी के बिना सरपंच पति द्वारा हस्ताक्षर कर निकाली जाती है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है ।  ग्रामीणों ने पंचायत के बैंक खाते, चेक, भुगतान आदेश, हस्ताक्षर, बिल-वाउचर और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके ।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत में सभी कार्य नियमानुसार हुए हैं तो निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।  इसलिए उन्होंने प्रशासन से बिना किसी दबाव के जांच कराने की मांग की है।
हर कार्य का मौके पर सत्यापन कराने की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि पिछले वर्षों में ग्राम पंचायत बरेली में स्वीकृत सभी विकास एवं निर्माण कार्यों की सूची तैयार की जाए। सीसी सड़क, नाली निर्माण, हैंडपंप खनन, चौपाल चबूतरा, स्कूल बाउंड्रीवाल सहित अन्य कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन कर स्वीकृत राशि, भुगतान और वास्तविक कार्य का मिलान कराया जाए ।
इसके साथ ही मस्टर रोल में दर्ज मजदूरों से पूछताछ कर यह भी सत्यापित किया जाए कि उन्होंने संबंधित कार्यों में वास्तव में मजदूरी की थी या नहीं तथा उन्हें मजदूरी का पूरा भुगतान मिला अथवा नहीं। ग्रामीणों ने पंचायत के वित्तीय अभिलेखों की जांच कर शासकीय राशि के आहरण और भुगतान की प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग की है ।
*जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग*
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के विकास कार्यों के लिए मिलने वाली शासकीय राशि आम जनता के हित में होती है ।  यदि राशि के उपयोग में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए । ग्रामीणों ने जिला पंचायत, जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है ।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जांच के दौरान पंचायत के दस्तावेजों और मौके पर मौजूद निर्माण कार्यों का मिलान किया जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ।  यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और अधूरे कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए ।

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