मध्य प्रदेश

गैस किट वैन वाहन में 10 बच्चों को बैठाने की क्षमता पर 25 बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया जा रहा

इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में वाहन चालक और स्कूल संचालक कर रहे मनमानी
प्रशासन को हादसे का इंतजार

रिपोर्टर : दीपक साहू
बम्होरी । कुण्डली बम्होरी मार्ग पर स्थित इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल स्कूली वाहन में चालक द्वारा बच्चों को ठूस-ठूंस कर सफर कराया जा रहा है। यही नहीं स्कूल संचालक इन स्कूली वाहनों को गैस किट से चला रहे हैं। मैजिक वाहन की क्षमता 10 बच्चों को बैठाने की है उसमें 25 बच्चों को रोजाना बैठाकर स्कूल से घर और घर से स्कूल तक का सफर कर जा रहा है। बच्चे भी एक के ऊपर एक बैठकर यह सफर करने मजबूर हो रहे हैं। अभिभावकों की शिकायत को भी स्कूल संचालक नजर अंदाज कर रहे हैं। ऐसे में यदि कोई हादसा हुआ तो उसका जिम्मेदार कौन होगा ?इसी मार्ग में एक माह पहले ही स्कूली बच्चों से भरी बेन पलट गई थी, जिसमें 8 बच्चे घायल हो गए थे जिसके बाद अफसरों ने रस्म अदायगी के लिए स्कूल संचालकों की बैठक कर निर्देश दे दिए लेकिन वास्तविकता जानने और ठोस कार्रवाई करने के लिए अफसरों ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए यही वजह है कि स्कूल संचालक और वाहन चालक भी बेफिक्र बने हुए हैं।
नहीं हैं एलपीजी पंप
सिलवानी ब्लाक में एक भी एलपीजी पंप नहीं है। ऐसे में एलपीजी गैस से चलने वाले वाहन अवैध हैं। कई वाहन अवैध रूप से एलपीजी किट के साथ चल रहे हैं। इन वाहनों में रसोई गैस सिलेंडर से अवैध रूप से गैस रिफिल की जाती है। कई बार सिलेंडर में क्षमता से अधिक गैस भरी होने से हादसे की संभावना रहती है। वहीं कई बार इन सिलेंडर से गैस लीकेज होती रहती है। इससे वेन में आग लगने का खतरा भी रहता है। रसोई गैस से चलने वाले कई वाहनों में अचानक आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बाद भी पुलिस, यातायात विभाग और परिवहन विभाग द्वारा एलपीजी गैस से चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई नहीं की है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का नहीं हो रहा पालन
स्कूल संचालकों बेफिक्री से यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा संबंधी निर्देशों का भी पालन नहीं कर रहा है। बिना अनुमति गैस किट वाहन स्कूली बच्चों को लाने ले जाने में उपयोग किया जा रहा है। स्कूल संचालक अभिभावकों की चुप्पी का फायदा उठा रहे हैं। नगर व क्षेत्र में बरसों से चल रहे गैस से वाहनों से छोटे-छोटे नौनिहाल बच्चे अपने-अपने विद्यालयों में जाते हैं जो बारूद के ढेर पर बैठकर जा रहे हैं। पैसों की लालच के चलते वाहन चालक गैस का खुलकर इस्तेमाल कर रहे है व कम पैसों के लालच में अपने नौनिहाल बच्चों को गैस पर बैठाने के लिए मजबूर पालक इस ओर कभी ध्यान नहीं देते हैं कि हमारा बच्चा किस खतरे के साथ गैस के बाहर बैठकर सवारी कर रहा है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी भी इस ओर कभी ध्यान नहीं देते हैं। पुलिस, यातायात और परिवहन विभाग द्वारा रसोई गैस एलपीजी से चल रहे वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
नागरिकों ने बताया कि यदि समय रहते इन चालकों पर कार्रवाई नहीं की तो बड़ी अनहोनी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
इस संबंध में बम्होरी टप्पा के नायब तहसीलदार बलवीर सिंह राजपूत का कहना है कि आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है। यदि स्कूल और वाहन चालक ऐसी लापरवाही बरत रहे है तो जांच कर कार्यवाई की जाएगी।

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