मध्य प्रदेश

बारला-विदिशा बायपास : निर्माण में 193 किसानों की 34.868 हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण, अन्नदाताओं को मिलेगा उचित मुआवजा

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। भोपाल-रायसेन-सागर नेशनल हाईवे क्रमांक 146 को भारत माला शृंखला में शामिल किए जाने के बाद इसे फोरलेन में तब्दील किया जाना है। इतना ही नहीं रायसेन- विदिशा पहुंच मार्ग पर अब बारला से कोड़ी-मेहगांव होकर चौपड़ा-सोंठिया विदिशा तक नया बायपास मार्ग बनाया जाना है। जिसके लिए राजस्व विभाग में सड़क निर्माण में आने वाली किसानों की भूमि को भी चिन्हित कर लिया गया है। पिछले छह माह से राजस्व विभाग का अमला बारला, कोड़ी-मोरी, गिरवर, मेहगांव, ताजपुर सूर और चोपड़ा के बीच बनने वाली सड़क में आने वाली किसानों की भूमि का सर्वे कार्य कर रहा था, जो अब पूर्ण हो चुका है ।
193 किसानों की जमीन बायपास के जद में…..
इस बायपास मार्ग में 193 किसानों की 34.868 हेक्टेयर जमीन आ रही है । इस जमीन को अब सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए एनएचएआई के अफसरों द्वारा किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी राजस्व विभाग ने प्रारंभ कर दी है। जो नया बायपास मार्ग बारला गांव से शुरू होगा, कोड़ी-मेहगांव होकर विदिशा बायपास मार्ग पर खुलेगा।जिससे भोपाल से विदिशा जाने वाले वाले वाहन चालकों को सांची जाने से मुक्ति मिल जाएगी।
हालांकि अभी वाहन चालकों को रायसेन- सांची होकर ही विदिशा से सागर जाना पड़ता है। इस बायपास मार्ग के बनने के बाद सागर जाने वाले वाहन इस नए बायपास से होकर निकल सकेंगे।
विदिशा में सागर बायपास से मिलेगा यह मार्ग….
भोपाल-सागर नेशनल हाइवे 146 का नया फोरलेन बायपास मार्ग बारला- कोड़ी से शुरू होगा, जो गिरवर, मेहगांव, ताजपुर सूर से होकर चौपडा-सौंठिया पर विदिशा के पास से निकले सागर बायपास रिंगरोड मार्ग पर जाकर मिलेगा। कोड़ी से चौपड़ा सोंठिया तक यह बायपास मार्ग करीब 10 किमी लंबा होगा। अभी लोगों को रायसेन से सांची होकर विदिशा जाना पड़ता है और यह दूरी करीब 35 किमी है। लेकिन इस नए बायपास के बनने से विदिशा की दूरी मात्र 22 किमी सिमट कर रह जाएगी।
इस संबंध में एलके खरे, एसडीएम रायसेन का कहना है कि बारला से कोड़ी-मेहगांव होकर विदिशा के पास तक बनने वाले बायपास मार्ग में आने वाली किसानों की भूमि को चिन्हित कर लिया गया है। इस मार्ग में 193 किसानों की 34.868 हेक्टेयर भूमि आ रही है । इस भूमि को अधिग्रहण करने से पहले किसानों को एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा मुआवजा दिया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है ।’

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