मध्य प्रदेश

भलाई करने से नहीं बुराई छोड़ने से कल्याण होगा : स्वामी नित्या नंद जी महाराज

रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी । सिलवानी अंचल के ग्राम मुआर में सिद्ध स्थान टेकरी धाम पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिवस
हिमालय से पधारे हुए कथा व्यास स्वामी सदा शिव स्वामी नित्यानंद जी महाराज ने कहा की मानव को प्रतियेक व्यक्ति की भलाई करना चाइए कभी भी भूलकर किसी का बुरा ना करें शास्त्र तक में ये बात है की जो व्यक्ति किसी का बुरा करता हैं उसके साथ भी बुरा ही होगा,जो भलाई करता है उसके साथ भला ही होगा क्यों की मानव जिस प्रकार कर्म करता है उसी प्रकार वह कर्म का फल भोगता है। भगवान किसी को दुख सुख नही देते बस मानव के कर्म ही मानव को सुख दुख देते हैं। सदा शिव स्वामी नित्यानंद गिरी जी महाराज ने कहा की कुसंगति से बचे जितना हो सके अपने और अपने बच्चो को कुसंगती से बचाएं गलत संगत से जुड़ा व्यक्ति अपने तनाव में ही बड़ी बड़ी गलतियां कर बैठता हैं। आज मानव नाशवान चीजों को ही सुख समझ बैठा है। मानव का सच्चा सुख तो सिर्फ अपने मन की शांति है। अत किसी का बुरा ना करे किसी का अहित ना करें जब ही व्यक्ति को सच्चा सुख और शांति मिलेगी। जो व्यक्ति ने पूर्व में शास्त्र विमुख कार्य किए है। उन्ही कारणों से शरीर में कष्ट होते है व्यक्ति तनाव में रहता है। जो गलत कार्य कर रहा है या उसका समर्थन कर रहा है या करवा रहा है वह सब पाप का भागीदार है। श्री स्वामी जी ने कहा की जो अब हो गया हो जाने दो अब वर्तमान से अपना जीवन सुधारो दिनचर्या में बदलाब लाओ किसी की निन्दा ना करें,हमेशा भलाई ही ही करे प्रण ले। जिस व्यक्ति निदा छोड़ भलाई करना शुरू कर दी तो उसके मन में सच्चा सुख और शांति प्राप्त होगी। मानव ध्यान रखे तुम्हारे द्वारा किए गए कर्मो की सजा कानून द्वारा न्यायालय तो देगा पर ऊपर वाले की अदालत से कैसे बचोगे बहा तो सिर्फ तुम्हारे द्वारा कमाए हुए धर्म पुण्य से ही जमानत मिलेगी। अत भलाई करते हुए अपना आत्म कल्याण करे

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