भारतीय सनातन संस्कृति सबको सुख देती है, इसलिए विश्व में सर्वश्रेष्ठ हैं : शास्त्री

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । अयोध्या नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस मैं कथावाचक कमलेश कृष्ण शास्त्री ने कथा श्रवण कराते हुए कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सबको सुख देती है। वह किसी को क्षति नहीं पहुंचाती। इसी कारण हम सनातनी लोग विश्व में सर्वश्रेष्ठ हैं। पूरी विश्व के लोग हमारी संस्कृति व धर्म से प्रभावित हो रहे हैं और इसको अपनाने के लिए आ रहे हैं। वर्तमान समय में सनातनियों में आंखों पर भी आधुनिकता का काला पर्दा पड़ने लगा है। यह एक खतरनाक स्थिति है, जो हमारी संस्कृति व सभ्यता का नष्ट कर रही है। उन्होने कहा कि नंगेपन को आधुनिकता नहीं माना जा सकता है। आधुनिकता विचारों की होनी चाहिए। जो व्यक्ति अपने बड़ो , मां-बाप, का सम्मान नही करता है, अपने देवी-देवताओं के बारे में नकारात्मकता सोच रखता है, वह कैसे आधुनिक हो सकता है। किसी चरित्रहीन व्यक्ति को कभी आधुनिक व अच्छा नहीं माना जा सकता है। मद्यपान, जुआ खेलने वाले, परस्त्री गमन करने वालों, अहिंसा करने वालों के घरों में कलयुग रहता है। उन्हने कहा कि यदि हृदय में ईश्वर को वास करना चाहते हैं तो हृदय का शुद्ध रखना होगा। हम आपको यशस्वी, संस्कारी बनवाने चाहते हैं। यदि आप बुद्धिमान हैं, तो अपनी बुद्धि को प्रयोग अपने कल्याण के लिए करें, न की दूसरों को नीचा दिखाने के लिए।आपकी सच्ची दौलत आपके सद्कर्म ही साथ जाएंगे। मृत्यु के समय आपको सब यहीं छोड़कर जाना है। हमें जीवन जीने की कोई योजना नहीं बनाई। यह सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। हमे झूठे स्टेट्स से बचना चाहिए। आपका असली धन आपके संस्कारवान बच्चे हैं। इसलिए बच्चों को संस्कार, सदाचार, परोपकार, व्यवहार सिखाएं। उन्हें गलत तरीके से धन कमाने के लिए प्रेरित नहीं करना चाहिए। गुरुवार को भागवत कथा मैं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का वृतांत सुनाया जाएगा। एवं जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।



