मध्यान्ह भोजन में खिचड़ी खाने के बाद घर गए 11 बच्चे हुए बीमार, हॉस्पिटल में भर्ती

जानकारी लगते ही एसडीएम, तहसीलदार, महिला बाल विकास अधिकारी पहुंचे जिला अस्पताल, ली जानकारी, इधर सिविल सर्जन और ड्यूटी रत डॉक्टर करीब 11 बच्चों का कर रहे इलाज
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । जिले के बांदकपुर मुड़ारी हलगज गांव की आंगनवाड़ी में गुरुवार दोपहर मध्यान्ह भोजन में खिचड़ी खाने के बाद कढ़ी चावल खाकर घर गए करीब 11 बच्चों में एक बच्चे को उल्टी होने पर सभी बच्चे अजीब सी हरकतें कर बीमार हो गए, जिन्हें उपचार के लिए तत्काल बांदकपुर अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए 108 से दमोह जिला अस्पताल लाया गया, जहां आंगनवाड़ी में दर्ज सभी बच्चों का इलाज जिला अस्पताल के आईसीयू और बच्चा वार्ड में चल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनीता जैन ने बताया कि खिचड़ी खाने के बाद कड़ी चावल एक बच्चे ने केवल खाए थे, जिसके बाद उल्टी होने पर सभी बच्चे अजीब सी हरकतें और बीमार हो गए. जिन्हें तत्काल अस्पताल लेकर आए. बीमार होने का कारण क्या है यह सब पड़ताल फिलहाल की जा रही है, जिला अस्पताल सिविल सर्जन डॉ राजेश नामदेव के अलावा ड्यूटी रत डॉक्टर विक्रम पटेल ने सभी का इलाज कर भर्ती कराया है. इधर कलेक्टर मयंक अग्रवाल के निर्देशन में एसडीएम दमोह आरएल बागरी, तहसीलदार मोहित जैन, महिला बाल विकास अधिकारी संजीव मिश्रा के अलावा संबंधित विभागों के अधिकारी भी पहुंचे और उन्होंने बच्चों के परिजनों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से जानकारी ली। दमोह एसडीएम आरएल बागरी ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि बच्चे अजीब सी हरकतें कर रहे हैं डॉक्टर टीम द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है और बारीकी स्तर से पड़ताल की जा रही है आखिर बच्चों ने ऐसा क्या खाया है? जिससे यह इस तरह की हरकते और बीमार हुए हैं. अजीब टाइप की हरकतें/बीमार बच्चों में गंभीर हालत में ऋषिका पिता मुकेश लोधी उम्र 5 वर्ष और बच्चा वार्ड में भर्ती भीकम पिता मुकेश लोधी उम्र 3 वर्ष, लोकेंद्र पिता नोने सिंह उम्र तीन वर्ष, क्रिश पिता महेंद्र सिंह 4 वर्ष, कार्तिक पिता महेंद्रसिंह 5 वर्ष, हेमेंद्र उर्फ नेकनारायण पिता विजय लोधी उम्र 6 वर्ष, रक्षा पिता कोरन लोधी उम्र 5 वर्ष, अन्नू उम्र 5 वर्ष, विष्णु पिता नन्हे आदिवासी उम्र 5 वर्ष, वैष्णवी नोनेसिंह उम्र चार वर्ष, स्वार्ती पिता हल्लू रैकवार उम्र चार वर्ष यह सभी मुड़ारी हलगज निवासी का इलाज बच्चा वार्ड में चल रहा है। डॉक्टर का कहना है सभी बच्चों का इलाज किया जा रहा है। सभी की स्थिति खतरे से बाहर है।



