मुख्यमंत्री की विधानसभा में की गई घोषणा से सैकड़ों ग्रामवासियों को सिहोरा जिला की आशा
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । नई सरकार के गठन के बाद पहले पुलिस थानों और अब क्षेत्र के नवीन परिसीमन की प्रक्रिया की मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की घोषणा से जबलपुर और कटनी जिले के सैकड़ों गांवों को आस जगी है कि अब मोहन सरकार के कार्यकाल में क्षेत्रीय विसंगति का अंत होगा और सिहोरा जिला बनाते हुए मुख्यमंत्री द्वारा उनकी समस्या का अंत किया जाएगा। विदित हो कि विगत दिवस विधानसभा सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव में मुख्यमंत्री द्वारा नवीन परिसीमन की बात कही गई है ।
इन क्षेत्रों में फैली विसंगति – वर्तमान में कटनी और जबलपुर जिले के सिलोंडी, ढीमरखेड़ा, पानउमरिया, खमतरा, बहोरीबंद, बाकल, बचैया, स्लीमनाबाद और मझौली की अपने अपने जिला मुख्यालयों से दूरी बहुत अधिक है। कटनी जिले के सिलोंडी, ढीमरखेड़ा, बहोरीबंद और बाकल क्षेत्र के लोगों के लिए तो कटनी जिला मुख्यालय पहुंचना अत्यंत दुविधा भरा और कष्टप्रद है।
सिहोरा से दूरी कम और आवागमन सरल जेड
तत्सम्बंध में सिहोरा जिला के लिए लगातार आंदोलित लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के कृष्ण कुमार कुररिया ने बताया कि सिलोंडी की सिहोरा से दूरी 40 किमी और कटनी से 90 किमी है, उमरियापान की सिहोरा से दूरी 20 किमी और जिला मुख्यालय कटनी से 41 किमी है, ढीमरखेड़ा की सिहोरा से दूरी 32 किमी और जिला मुख्यालय कटनी से 53 किमी है, खमतरा की सिहोरा से दूरी 65 किमी और जिला मुख्यालय कटनी से 82 किमी है, बहोरीबंद से सिहोरा की दूरी 25 किमी और जिला मुख्यालय कटनी से 49 किमी है, बाकल की सिहोरा से दूरी 40 किमी और जिला मुख्यालय कटनी से 64 किमी है, बचैया की सिहोरा से दूरी 18 किमी और जिला मुख्यालय कटनी से 58 किमी है। स्लीमनाबाद से सिहोरा की दूरी 24 किमी और जिला मुख्यालय कटनी से 27 किमी है। इसी प्रकार मझौली की सिहोरा से दूरी 19 किमी और जिला मुख्यालय जबलपुर से 40 किमी है। इन समस्त क्षेत्रों और इनसे लगे सैकड़ों ग्रामों के लिए कटनी और जबलपुर की जगह सिहोरा जिला बनना और उसमें शामिल होना अत्यंत सुगम और जिला मुख्यालय से अत्यंत कम दूरी वाला होगा ।
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के नागेंद्र कुररिया, अनिल जैन, विकास दुबे, सुशील जैन, संतोष पांडे, ऋषभ द्विवेदी, मानस तिवारी, अमित बक्शी, नवीन शुक्ला, प्रदीप दुबे, राजभान मिश्रा, रामजी शुक्ला, रामलाल यादव, नत्थू पटेल, गौरी राजे, नंदकुमार परोहा, अजय विश्वकर्मा आदि ने मुख्यमंत्री से सिहोरा को जिला बनाते हुए सिहोरा के साथ इन सैकड़ों ग्रामों को न्याय दिलाने की मांग की है ।



