कृषि

मौसम से कुछ राहत मिली तो गेंहू की खड़ी फसलों को कुतर रहें चूहे किसान परेशान

दो बार दबा छिड़काव करने पर भी का प्रकोप कम नहीं हो रहा
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा । अंचल में नवंबर की बोनी वाली गेंहू की फसल को अब चूहों द्वारा नुकसान पहुंचाया जाने लगा है। इसमें किसानों को न केवल अपने फसल का नुकसान उठाना पड़ रहा है बल्कि चूहों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। जिसमें समय रहते उपचार नहीं किया गया तो किसानों को हाल में 20 प्रतिशत फसल का नुकसान होता दिख रहा है। गेंहू और चूहों की दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। गेंहू की फसल खेतों में लहलहा रही है। मौसम के उतार चढ़ाव से किसान पहले से चिंतित हैं। किसानों को चिंता संतानें बैमौसम बारिश पहले ही दलहन फसलों को भारी नुक्सान हो गया। बची खुची आस नंबवर की बोनी वाली गेंहू की फसल बनी हुई थी जिसके पौधों को चूहा कतर रहे हैं और जिस पौधे को जड़ से चूहों ने कतर रहे और पौधे सूख रहे हैं। जिससे किसानों को काफी नुकसान होगा। बीजाडोगरी के किसान भोपालसिंह ने बताया कि नंबवर में दो एकड़ जमीन में गेंहू बोया था। फसल अच्छी है लेकिन चूहों के प्रकोप से परेशान है। किसान दो बार दबा रखने से बाद भी चूहे की परेशानी कम नहीं हो रही है। ऐसे में गेंहू फसल में गवोट आ गया है और चूहे पौधों को कतरकर खत्म करने में जुटे हैं। दरअसल गेंहू के खेत में चूहे बिल बनाकर छिपे रहते हैं। यदि इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो 15 से 20 प्रतिशत तक गेंहू की फसल चट करने का संकट खड़ा हो गया है।
इस संबंध में कृषि विस्तार अधिकारी जबेरा एमएल गहिरवार का कहना है कि चूहों के आंतक से मुक्ति के लिए दवा उपचार मात्र उपाय है जिसमें किसान खेतों में बिलों के सामने फोरेट टेन जी के कुछ दाने डालकर बिलों की मिट्टी से ढंक कर बंद करे।

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