युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए सेडमैप शुरू कर रहा क्षमता निर्माण कार्यक्रम

55 जिलों में 37 सेक्टर में निशुल्क अत्याधुनिक पाठ्यक्रम
भोपाल। उद्यमिता विकास केंद्र मध्य प्रदेश (सेडमैप) द्वारा युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए सभी 55 जिलों में 37 विभिन्न सेक्टर में युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र (डीआईसी) अंतर्गत संचालित शासकीय स्वरोजगार योजनाओं की सब्सिडी का लाभ प्राप्त करने के लिए सर्टिफिकेट आवश्यक होता है। इस हेतु एक व्यापक कार्यक्रम तैयार किया गया है, जो इच्छुक और छोटे व्यवसाय उद्यमियों के लिए, व्यावसायिक उद्यमों की स्थापना को सुविधाजनक बनाने और मौजूदा व्यावसायिक इकाइयों के विकास को बढ़ावा देगा, पाठ्यक्रम में पठन सामग्री, वीडियो आधारित ट्यूटोरियल केस-आधारित दृष्टिकोण भी पाठ्यक्रम में प्रदान किया जाता है। केंद्र द्वारा डीएलईसी फोरलेन फार्मूला आधारित ‘सर्टिफिकेट इन बिजनेस स्किल, डिसेंट्रलाइजेशन, लोकल, एंटरप्रेन्योरशिप तथा कोऑपरेशन’ के साथ ‘फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम सर्टिफिकेट’ का संयुक्त संचालन किया जा रहा है। पंजीयन लिंक
https://mysba.co.in/DLEC है।
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए सेडमैप की कार्यकारी संचालक अनुराधा सिंघई ने बताया कि इस हेतु संयुक्त रूप से एक कोर्स ‘ज्ञान हैंडबुक’ डिजाइन किया गया है जिसमें 37 विभिन्न सेक्टर से सम्बंधित उद्यमिता के आयाम को सम्मिलित किया गया है । साथ में वरिष्ठ विषय विशेषज्ञों एवं अधिकारियों द्वारा भी इसमें युवाओं को मार्गदर्शन दिया जाएगा। प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे उद्यमिता पर प्रशिक्षण पा सकते हैं और प्रमाण-पत्र भी निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं। प्रत्येक विषय पर जानकारी के साथ प्रत्येक वीडियो यूटूयूब पर उपलब्ध रहेगा।
अनुराधा सिंघई ने बताया कि पाठ्यक्रम में उद्यमिता के उभरते हुए अनेक सेक्टर को सम्मिलित किया गया है. जिसमें प्रमुख रूप से वनौषधि- आयुष एपीआई, 64-कलाओं, सोलह सिंगार, हर्बल, 108 जड़ी-बूटी, मोटा अनाज, 108 भारतीय मसाला, जनजातीय उद्यमिता, हथकरघा-बुटीक, गोबर उत्पाद, पूजन सामग्री, फूड प्रोसेसिंग, भारतीय शिल्प, अलाइड डेयरी, मिलेट बेकरी, महुआ, जैव उर्वरक, घरेलू / दैनिक उपयोग की वस्तुओं, बायोप्लास्टिक, स्पोर्ट्स, योग-नेचुरोपैथी पर्यटन उद्यमिता तथा अन्य सम्बंधित उपसेक्टर शामिल है। जल और ऊर्जा स्वराज के साथ एग्रोएंटरप्रेन्योर तैयार करना, विकसित मध्य प्रदेश, फूड प्रोसेसिंग हब, एग्रोप्रेनर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए इंजन, न्यूट्री हब, श्रीअन्न सुपरफूड को वर्ल्डवाइड एक्सपोर्ट, छोटे किसानों के लिए मिलेट्स (श्रीअन्न) आधारित उद्यमिता, सौर उर्जा ट्यूबवेलों, कृषि मशीनरी और उपकरण आधारित उद्यमिता, पीएम किसान समृद्धि का विस्तार, ड्रोन-कृषि-सैटेलाइट उद्यमिता के क्षमता निर्माण होने से उपज के प्रभावी मार्केटिंग के लिए नए आयामों को स्थापित करना शामिल है।
अनुराधा सिंघई ने बताया कि इसमें संयुक्त रूप से स्वावलंबी भारत अभियान, मिनिस्ट्री ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी भारत सरकार प्रोजेक्ट राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद म.प्र. सरकार, आईसीएआर-अटारी जबलपुर, एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन, स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में भारत के सवा सौ करोड़ ‘ज्ञान’ जी फॉर गरीब, वाई फॉर युवा, ए फॉर अन्नदाता (किसान), एन फॉर नारीशक्ति (महिला) पर ध्यान कर डीएलईसी फार्मूला डिसेंट्रलाइजेशन (विकेंद्रीकरण), लोकल (स्वदेशी), एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता), कोऑपरेशन (सहकारिता) आधारित अत्याधुनिक पाठ्यक्रम का नि:शुल्क संचालन किया जा रहा है।
अनुराधा सिंघई ने यह भी बताया कि अहिल्याबाई होल्कर जन्म त्रिशताब्दी वर्ष निमित्त प्रारंभ हुये क्षमता सम्वर्धन के इस कार्यक्रम में कुटुंब प्रबोधन और नागरिक शिष्टाचार के साथ स्वदेशी उत्पाद हेतु स्थानीय संसाधन का पर्यावरण हितैषी के रूप में उपयोग एवं सामजिक समरसता को ध्यान में रखकर सहकारिता आधारित आउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग वाले उद्यमिता के माध्यम से क्लास बी और क्लास सी कैटेगरी के स्वदेशी उत्पादों से बड़े पैमाने पर इंपोर्ट कम तथा एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने सम्मिलित किया गया है। पंच परिवर्तन के सूत्र सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का जागरण तथा नागरिक शिष्टाचार का पालन करते हुए उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र उद्यमिता का निर्माण प्रायोगिक रूप में कराने का प्रशिक्षण भी इस पाठ्यक्रम में शामिल है।



