मध्य प्रदेश

रामलीला ग्राउंड में बाउंड्रीवाल के लिए आया 60 लाख रुपये का बजट गोलमाल, दूसरे मद में नपा से बजट खर्च, हिसाब देने कोई तैयार नहीं

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । श्रीराम लीला मेला समिति रायसेन के लिए तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर को रामलीला मेला समिति के कार्यकारी अध्यक्ष जमना सेन ने मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था ।रामलीला मेले के रावण वध की लीला के अवसर पर तत्कालीन मंत्री बाबूलाल गौर ने रामलीला ग्राउंड की बाउंड्रीवाल निर्माण कराए जाने के लिए 60 लाख रुपये का बजट मंजूर किया था। बाद में वह 6000000 रुपये का बजट नगरपालिका के खाते में आ चुका था। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष मंजू धीरेंद्र सिंह कुशवाह थी । वही रामलीला मेला समिति के कार्यकारी अध्यक्ष जमना सेन रहे थे । कुछ दिन तो नगर पालिका के खाते में वह रकम जमा रही । लेकिन बाद में गुपचुप तरीके से तत्कालीन नपा अध्यक्ष और रामलीला मेला समिति कार्यकारी अध्यक्ष जमना सेन ने मिलजुल कर अन्य मदों में खर्च कर दी गई । अब हालात यह है कि वर्तमान में कोई वह 60 लाख रुपये की राशि केखर्च का ब्यौरा हिसाब किताब देने को तैयार नहीं है । अच्छे कार्य के लिए आई 60 लाख रुपए की राशि गोलमाल हो चुकी है। ऐसे में रामलीला मेला समिति के चेयरमैन अरविंद दुबे कलेक्टर है। उनको भी इस मामले में हस्तक्षेप करके फंड का हिसाब लेना चाहिए । इधर वर्तमान रामलीला समिति कार्यकारी अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी का कहना है कि राशि तो आई थी 60 लाख रुपये । लेकिन अन्य मदों में खर्च कर दी गई है। उन्होंने बताया कि 8लाख रुपये नगरपालिका के मद वमें है ।लेकिन कोई हिसाब किताब बताने को तैयार नहीं है इधर मेला समिति के सदस्य और गणमान्य नागरिकों का कहना है कि रामलीला मेला समिति को वह राशि वापस मिलना चाहिए ।ताकि रामलीला ग्राउंड में हो रहे अतिक्रमण को रोकने के लिए बाउंड्री वाल का निर्माण हो सके और यहां दुकानों का मे निर्माण भी होना चाहिए। ताकि व्यापारियों को दुकान किराए पर देकर उससे होने वाली आमदनी रामलीला समिति और ग्राउंड में खर्च हो सके।

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