राम भक्ति से मानव के जीवन में परम शांति की प्राप्ति होती है : पंडित सुरेंद्र शास्त्री

रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी । ग्राम मुआर में श्री रामचरितमानस सम्मेलन का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ हुआ, जिसमें सुरेंद्र शास्त्री, पंडित विष्णुदत्त जी शास्त्री एवं महंत कमलनयन दास जी महाराज, राजेंद्र शास्त्री ने श्री रामचरित मानस पर अपने प्रवचन दिए। विद्वान प्रवक्ता पंडित सुरेंद्र शास्त्री जी ने श्री रामचरित मानस की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि रामचरितमानस मानव जीवन के विभिन्न मूल्य की स्थापना हेतु बहुत अनिवार्य है। इसके माध्यम से मानव के जीवन में पवित्र मूल्यों का विकास होता है जिससे कि मनुष्य अपना जीवन जीने की पद्धति को जानकर अपने जीवन को सफल कर सकता है। आगे उन्होंने कहा कि राम की भक्ति हमारी सनातन परंपरा का मुख्य अंग है। राम भक्ति से मानव के जीवन में परम शांति की प्राप्ति होती है और राम भक्त संसार में रहते हुए भी, राम के चरणों में अपने आप को लगाये रहता है, जिससे कि उसका जीवन धन्य हो जाता है । पं.सुरेंद्र शास्त्री ने श्रीराम कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि इस समय संपूर्ण भारत में राम भक्ति की धारा बह रही है, जिसमें सभी लोग अपने आप को समाहित करके राम भक्ति से आनंदित हो रहे हैं। राम की भक्ति के माध्यम से व्यक्ति का जीवन सुखमय हो गया है। अनेक वक्ताओं ने श्री रामचरित मानस सम्मेलन में अपने प्रवचन देते हुए, संसार में जीवन कैसे जीना चाहिए एवं अपने कर्तव्यों का विधिवत कैसे पालन करते हुए, इस अमूल्य मानव जीवन को सार्थकता में लगाते हुए ,अपने जीवन को जीना चाहिए यह बताया। इस आयोजन में ग्राम के प्रत्येक व्यक्ति ने अपनी सहभागिता की। ग्राम के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, माताएं, बहने, युवा, बालक, बालिका सभी ने उत्साह से भाग लिया। प्रवचन का समय प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे बजे तक रहेगा। कथा समापन 5 फरवरी को होगी। कार्यक्रम के आयोजकों ने अधिक से अधिक संख्या में धर्म प्रेमी सज्जनों से, माता बहनों से प्रवचन सुनने का आग्रह किया है। सभी ने रोशरा वाले दादा जी से आशीर्वद प्राप्त किया।
कथा के पूर्व शोभा यात्रा श्री खेरापति मंदिर से प्रारंभ होकर मां टेकरी धाम पहुंची महिलाए कलश रखे हुए भजन का गायन करती हुई जा रही थी। वही युवा राम भजन में थिरकते नजर आए।



