रायसेन में जेंडर एवं शिशु लिंगानुपात विषय पर कार्यशाला सम्पन्न
बालिकाओं को दी गई जेंडर संवेदीकरण, घटते शिशु लिंगानुपात विषय पर जानकारी
रायसेन । बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत रायसेन स्थित शासकीय कन्या महाविद्यालय में जेंडर एवं शिशु लिंगानुपात विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत एनसीसी, एनएसएस की प्रतिभागी बालिकाओं को जेंडर संवेदीकरण, घटते शिशु लिंगानुपात विषय पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई।
कार्यशाला में सर्वप्रथम जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग दीपक संकत द्वारा बताया गया कि घटते लिंगानुपात पर नियंत्रण के लिये भारत सरकार की महत्वकांक्षी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का संचालन किया जा रहा है। यह प्रधानमंत्री की फ्लेगशिप योजना है। योजना का उद्देश्य शिशु लिंगानुपात में सुधार लाना, जेंडर संवेदीकरण है। इस हेतु भारत सरकार द्वारा कम लिंगानुपात वाले जिलों को चयन कर मल्टीसेक्टोरियल गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यशाला में विशेष अतिथि के रूप में अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर ख्याती प्राप्त मध्यप्रदेश की प्रथम पर्वतारोही तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की मध्यप्रदेश की ब्रॉड एम्बेसडर मेघा परमार उपस्थित रहीं। जिनके द्वारा प्रतिभागी बालिकाओं को समानता कस अधिकार, सुरक्षा का अधिकार एवं शिक्षा का अधिकार के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। सुश्री परमार द्वारा बताया गया कि बालिकाऐं आत्मनिर्भर एवं स्वाबलंबी बनें, जीवन में निरंतर आगे बढ़ें तथा आने वाली रुकावटों का मजबूती से सामना करने का मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम में प्राचार्य शासकीय कन्या महाविद्यालय श्रीमति सेंगर द्वारा प्रतिभागी बालिकाओं को शासन द्वारा लागू नवीन शिक्षा नीति से अवगत कराते हुये शिक्षा के क्षेत्र में बालिकाओं हेतु किये गये नये प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में मेघा परमार भोपाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग दीपक संकत, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य संदीप दुबे, श्रीमति क्षमा चौरे, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अतुल कृष्ण दुबे, प्राचार्य शासकीय कन्या महाविद्यालय श्रीमति सेंगर, सहायक संचालक महिला बाल विकास संजय गहरवाल, संरक्षण अधिकारी राजा वर्मा, दिनेश मालवीय, मनोज कुमार साहू सामाजिक कार्यकर्ता सहित शासकीय कन्या महाविद्यालय, शासकीय स्वामी विवेकानन्द महाविद्यालय, एनसीसी, एनएसएस की लगभग 150 प्रतिभागी बालिकाऐं उपस्थित रहीं।



