नगर सरकार में सविता जमना सेन बनी सिरमौर, उपाध्यक्ष बनीं मीना दीपू दीपेंद्र कुशवाहा
भाजपाईयों सहित उनके समर्थकों ने जीत की खुशी में मनाया जोरदार जश्न, नगर सरकार के चुनाव में सरकार जीती बादशाह हारा
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। सोमवार आठ अगस्त को नगर पालिका परिषद रायसेन के नपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव कलेक्ट्रेट कार्यालय परिषद के चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में कराए गए। जोड़तोड़ और 3 निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में करने सौदेबाजी की राजनीति, सरकार की दबाव की राजनीति में नगर सरकार ने चुनाव तो जीत लिया है लेकिन इस चुनाव में बादशाह चुनाव हार गया है। सोमवार को सुबह 11 बजे कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद दुबे, डिप्टी कलेक्टर मकसूद अहमद खान की मौजूदगी में नगर पालिका परिषद यानि नगर सरकार के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद के चुनाव प्रक्रिया हुई। सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय में नपाध्यक्ष पद के चुनाव निर्विघ्न कराए गए। जिसमे बीजेपी की तरफ से नपाध्यक्ष पद की अधिकृत प्रत्याशी सविता जमना सेन ने चुनाव लड़ा। वहीं कांग्रेस पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशी किरण राजकिशोर सोनी भी नपाध्यक्ष पद की दौड़ में रहीं और चुनाव लड़ा। जिसमें नपाध्यक्ष के चुनाव में वोट दोपहर साढ़े 12.45 बजे डाले गए। नपाध्यक्ष के चुनाव परिणाम की घोषणा दोपहर1 बजे की गई। जिसमें भाजपा प्रत्याशी सविता जमना सेन को 10 पार्षदों के वोट डाले गए। विपक्ष कांग्रेस की किरण राजकिशोर सोनी को 8 मतों से संतोष करना पड़ा। इस तरह बीजेपी की उम्मीदवार सविता जमना सेन नगर सरकार के सिरमौर बने। इसके पूर्व में भी सविता सेन के पति चुनरी वाले भैया जमना सेन ने जनता से सीधे हुए नपाध्यक्ष के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे और विजयी श्री मिली थी।बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए थे। वहीं नपा उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन फार्म दोपहर ढ़ाई बजे कराई गई। जिसमें भाजपा से वार्ड 12 की रिकार्ड तोड़ मतों से विजयी पार्षद श्रीमती मीना दीपू दीपेंद्र कुशवाह पूर्व विधायक स्व. ठाकुर गोवर्धन कुशवाह की पुत्रवधु को नपा उपाध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया।जबकि कांग्रेस पार्टी की तरफ से वार्ड 6 से पार्षद प्रभात राज चावला को उम्मीदवार बनाया गया। भाजपा की नपा उपाध्यक्ष की प्रत्याशी मीना दीपू कुशवाहा को 10 वोट मिले और कांग्रेस के प्रभात राज चावला को भी 8 पार्षदों के वोट मिले।चुनाव नतीजों की घोषणा साढ़े 3 बजे हुई।
सोमवार को सुबह 10.15 बजे सबसे पहले कांग्रेस के सभी 8 पार्षदों को कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में प्रवेश दिलाया गया। सभी 8 कांग्रेस के पार्षदों को कलेक्ट्रेट कार्यालय के मेनगेट से दाखिल कराया गया।इसके पहले दो लग्जरी गाड़ियों से कांग्रेस के सभी 8 पार्षदों को बिठाकर भोपाल से सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय लाया गया।उनके आगे पीछे दर्जन भर ब्लैक कमांडर बाउंसर बाइकों पर सवार होकर आए।यहां कांग्रेस पार्षदों के साथ बाउंसरों को प्रवेश नहीं देने पर कांग्रेस के एक नेता की कोतवाली के नगर निरीक्षक से झड़प हो गई। बाद में मामले को शांत कर दिया। प्रवेश को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय कैंपस में एक आरक्षक ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भंवरलाल धाकड़ की बहस हो गई थी।भाजपा कांग्रेस के नेताओं को भी कलेक्ट्रेट कैंपस में प्रवेश नहीं दिया गया।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, बीजेपी जिलाध्यक्ष डॉ जेपी किरार, भँवर लाल पटेल, जमना सेन संजू जाट जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यालय में राजनैतिक जोड़तोड़ करते नजर आए।भाजपा की जीत के वह किंगमेकर भी बने।साँची नगर परिषद के बाद नगर सरकार भाजपा की बनाने में भाजपा संगठन व स्वास्थ्य मंत्री सफल रहे। अब तक भाजपा का 8 जगह नगर सरकार बनाने में कामयाब रही।
नगर सरकार रायसेन में नपाध्यक्ष उपाध्यक्ष पदों के लिए दावेदार अपनी-अपनी मजबूत दावेदारी पेश करने की होड़ में लगे हुए थे। सोमवार को नगर पालिका परिषद रायसेन में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए चुनाव हुए। मालूम हो 18 वार्डों वाली रायसेन नगर पालिका परिषद में इस बार हुए नगर सरकार के चुनाव में 8 पार्षद कांग्रेस के 3 निर्दलियों ने बाजी मारी थी और 7 पार्षद भाजपा के चुनाव जीते थे। लेकिन बीजेपी जोड़तोड़ की राजनीति में सफल रही और कांग्रेस सत्ता के करीब होने के बावजूद दूर हो गई। इसीलिए चाणक्य की नीति कहती है कि इस बार हुए नगर सरकार का चुनाव भाजपा सरकार जीती और बादशाह यानि सरकार के सामने घुटने टेक हार का सामना करना पड़ा।



