धार्मिकमध्य प्रदेश

वीर बजरंगबली ने जलाई रावण की सोने की लंका, राक्षसी सेना में मची भगदड़, नल नील ने बनाया सेतु बांध

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । शहर में चल रही वार्षिक श्री रामलीला मेला में गुरुवार को राम भक्त वीर बजरंगबली ने लंकापति रावण के सोने की लंका का दहन किया साथ ही नल नील नामक इंजीनियर बंदरों ने राम सेतु बांध का निर्माण किया। जिससे पवन पुत्र हनुमान राम सेतु पार करके लंका नगरी पहुंचे। श्री रामलीला मेला संचालन समिति के प्रमुख पंडित राजेन्द्रप्रसाद शुक्ला, बद्रीप्रसाद पाराशर, पंडित दुर्गा प्रसाद शर्मा, प्रदीप शर्मा, हल्ला महाराज ने बताया कि भगवान श्री राम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ चौमासा बीत जाने के बाद ऋषिमूक पर्वत पर जाते हैं। किष्किंधा पर्वत में रहते हुए वानर राज सुग्रीव वानर सेना के पास लखनलाल को भेजते हैं। सीता माता की खोज के लिए वानर राज सुग्रीव वानर भालुओं की 4 टीम गठित करते हैं। उन्हें चारों दिशाओं में माता जानकी की खोज के लिए भेज देते हैं । श्री राम के भक्त वीर बहनुमान की वानर सेना दक्षिण दिशा की ओर खोज करने जाती है । समुद्र तट पर गिद्धराज जटायु के बड़े भाई बसंपाती बैठे रहते हैं। उन्हें भूख लगती है तो वह वानर भालुओं को खाने की इच्छा जताते है। यह बात संपाति बात हनुमान जी से चर्चा करके उसको धन्य मानता है। इसके बाद हनुमान जी सुरसा और लंकनी, डंकनी का वध करके बाल रूप रखकर लंका नगरी में प्रवेश कर जाते हैं। माता सीता के पास जाने के लिए विभीषण की मदद से अशोक वाटिका जा पहुंचे और लघु रूप में ही वह पेड़ पर जाकर बैठ जाते हैं और माता सीता के साथ सामने श्री राम की दी हुई चूड़ामणि फेंक देते हैं । श्री हनुमान सीता माता से भेंट करते हैं भूख लगने पर अशोक वाटिका को फलों के वृक्ष तोड़ डालते हैं और राक्षसी सेना को मारपीट कर भगदड़ मचा देते हैं। युद्ध में रावण का पुत्र अक्षय कुमार मारा जाता है ।लंकापति रावण इंद्रजीत को हनुमान नामक वानर को पकड़कर लंका में पेश करने का आदेश देता है । इंद्रजीत नागपास की मदद से हनुमान को पकड़कर लंका दरबार में लाते हैं । लंकापति रावण हनुमान को रामदूत होने के नाते जिंदा नहीं मार डालते। बल्कि उनकी पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है । हनुमान जी लंका जाते हैं सोने की लंका आग में जलकर राख हो जाती है। कई राक्षस असुर राक्षसियां मारे जाते हैं।
अंगद रावण संवाद की लीला शुक्रवार को श्री रामलीला मेला में अंगद रावण संवाद की लीला प्रसंग का आयोजन होगा । यह जानकारी देते हुए पंडित जगत प्रकाश शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को बाली पुत्र अंगद और लंकापति रावण के दरबार में उनके बीच जमकर संवाद होगा। जिसमें जिसमें लंकापति रावण बाली पुत्र अंगद को यह सलाह देगा कि वह तुम्हारे पिता का दोस्त है। इसलिए वह मेरी सेना में शामिल हो जाए । तब बाली पुत्र अंगद श्रीराम से संधि करने का प्रस्ताव रखते हैं। केसरी नन्दन हनुमान जी का पात्र पंडित अनिल शर्मा ने बखूबी निभाया रावण का अभिनय पंडित कैलाश प्रसाद पाराशर ने किया। वहीं इंद्रजीत बने पण्डित आदित्य शुक्ला ।

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