क्राइम
पटवारी को दस हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त ने धर दबोचा

पटवारी और उसके दो साथी भी रिश्वत लेते हुये पकडे
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
ग्वालियर। लोकायुक्त ग्वालियर पुलिस ने गुरुवार को शिवपुरी जिले के पिछोर तहसील कार्यालय के बाहर से एक पटवारी लाखन सिंह बालरे तथा उसके दो अन्य साथियों को फरियादी से दस हजार रूपये की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों दबोच लिया है।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार पटवारी ने यह राशि अपने मित्रों रामेश्वर लोधी और जितेन्द्र सिंह गौर के सहारे से ली थी। इसलिए उसके मित्रों को भी लोकायुक्त पुलिस ने पकडा है। उल्लेखनीय है कि रिश्वत आवेदक के पटटे की जमीन पर अंकिंत नाम पर से उसके चाचा का नाम हटाने के लिए 40 हजार रूपये की मांग की गई थी। फरियादी बादाम सिंह लोधी से पटवारी का सौदा 20 हजार रूपये में तय हुआ था । आज गुरुवार को जैसे ही फरियादी बादामसिंह निवासी दरगंवा ने रिश्वत की राशि के दस हजार रूपये पटवारी लाखन सिंह के कहने पर रामेश्वर लोधी के द्वारा जितेन्द्र सिंह गौर के पास पहुंचे, वैसे ही पास ही खडी लोकायुक्त की टीम ने आरोपियों को धर दबोचा।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर सिंह ने पटवारी के रिश्वत लेते हुये पकडे जाने की पुष्टि की है। एसपी लोकायुक्त रामे्रवर सिंह ने बताया कि आरोपियों के विरूद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू कर दी है। टीम में कविन्द्र सिंह चौहान व अन्य अधिकारी शामिल है।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार पटवारी ने यह राशि अपने मित्रों रामेश्वर लोधी और जितेन्द्र सिंह गौर के सहारे से ली थी। इसलिए उसके मित्रों को भी लोकायुक्त पुलिस ने पकडा है। उल्लेखनीय है कि रिश्वत आवेदक के पटटे की जमीन पर अंकिंत नाम पर से उसके चाचा का नाम हटाने के लिए 40 हजार रूपये की मांग की गई थी। फरियादी बादाम सिंह लोधी से पटवारी का सौदा 20 हजार रूपये में तय हुआ था । आज गुरुवार को जैसे ही फरियादी बादामसिंह निवासी दरगंवा ने रिश्वत की राशि के दस हजार रूपये पटवारी लाखन सिंह के कहने पर रामेश्वर लोधी के द्वारा जितेन्द्र सिंह गौर के पास पहुंचे, वैसे ही पास ही खडी लोकायुक्त की टीम ने आरोपियों को धर दबोचा।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर सिंह ने पटवारी के रिश्वत लेते हुये पकडे जाने की पुष्टि की है। एसपी लोकायुक्त रामे्रवर सिंह ने बताया कि आरोपियों के विरूद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू कर दी है। टीम में कविन्द्र सिंह चौहान व अन्य अधिकारी शामिल है।



