शराब के नशे में शिक्षक पढ़ाने की बजाए बच्चों को करते परेशान
वाकई एमपी अजब हैं गजब हैं
रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम गेहलपुर में शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक पूरनसिंह अहिरवार वेतन लगभग 80000/ अस्सी हजार रुपये शासन से इसलिए प्राप्त करते हैं कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर गरीबों के बच्चों को शिक्षित कर सके .
लेकिन यह सरकारी दामाद शिक्षा के मंदिर में सुबह से ही मध्यप्रदेश सरकार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुबह से मदिरापान कर विद्यालय जाते हैं और बच्चों को अनावश्यक परेशान करने लगते, जब ग्रामीणों ने इनकी हरकतों पर लगाम लगाने की बहुत कोशिशें की लेकिन इनकी आदतों में कोई सुधार न होने पर बुधवार को ग्रामीणों के सब्र का बाँध टूट गया और मौके पर तहसीलदार संजय नागवंशी व बीईओ को मौके पर बुलाकर पंचनामा बनाया और ऐसे शिक्षकों को कड़ा दंड देनी की माँग की।
सबसे बड़ा सबाल जब प्रशासन मौके पर पहुंच गया और यह शिक्षक शराब के नशे में कैसे फरार हो गया जिससे इसकी विधिवत कार्यवाही न हो सकी और अब यह शिक्षक कानून के शिंकजे से फंसने से साफ बच जायेगा?
यह हैं वह सुराप्रेमी शिक्षक जो खुद कह रहा है कि मेरा पढ़ाई से कोई मतलब नहीं ..
इस संबन्ध में दयाराम अहिरवार खंड शिक्षा अधिकारी बाड़ी का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा जानकारी मिली कि ग्राम गेहलपुर के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक पूरनसिंह शराब पीकर गदर कर रहा हैं में और तहसीलदार महोदय तत्काल गेहलपुर पहुँचे जब तक शिक्षक फरार हो गया हमनें मौके पर ग्रामीणों के बयानों को पंजीवृद्ध कर आगामी कार्यवाही के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया।




