शहर की बदहाल सड़कों से भारी वाहन गुजरते ही उठने लगते है धूल का गुबार
छोटे वाहन चालकों को सता रहा दुर्घटना का भय
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । रायसेन शहर से बाहर निकलते ही सभी सड़के इतनी जर्जर हो गई है कि भारी वाहनों के गुजरते ही सड़क से उठने वाले धूल के कारण धुंध छा जाता है। इससे ज्यादतर वाहन चालक दिन में लाईट का सहारा लेते नजर आते हैं। इसके चलते छोटे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही कई बार वाहनों में खराबी आने के कारण बीच सड़क में वाहन खडे़ हो जाते है, जिससे और समस्या बढ़ रही है। इसके बाद भी सड़कों का सुधार नहीं हो पा रहा है।
वाहन की रहती है रेलमपेल…..
रायसेन शहर में धूल के गुबार से आवागमन करना हुआ मुश्किल। बारिश का दौर थमने से भी दोपहर में चली धूल भरी आंधी । विगत तीन दिनों से मौसम में कभी बदली तो कभी धूप का दौर चल रहा है, इस दौरान सोमवार को सुबह से ही तेज धूप निकली था, जिससे लोग गर्मी व उसम से बेहाल रहे, इसी बीच दोपहर में अचानक मौसम में परिवर्तन आया और तेज अंधड़ शुरू हो गया। जिससे पूर्व में हुए बारिश के चलते सड़कों पर जमे धूल के गुब्बार से लोग बेहाल नजर आए।
गौरतलब हो कि शहर के एनएच 86 और भोपाल सागर स्टेट हाइवे होने के कारण यहां दिन हो या रात हमेशा भारी वाहनों की रेलमपेल लगी रहती है। जिसके चलते यह मार्ग हमेशा जर्जर ही रहता है, हालांकि विगत कई साल से इसका रिपेयर भी नहीं हो सका है। जिससे इस मार्ग में बड़े-बडे़ गड्ढे हो गए हैं। ऐसे में अगर बारिश हो जाती है तो सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है। जिससे गड्ढे नहीं दिखने के कारण वाहनों के चक्के पहिए पड़ते ही कुछ न कुछ वाहनों में खराबी आ जाती है। जिससे कई वाहन सड़क में ही खडे़ हो जा रहे हैं। वहीं सोमवार को बारिश बंद होने के बाद कीचड़ तो कम हो गया था लेकिन अब धूल से लोग बेहाल नजर आ रहे हैं।
सड़कों की हालत खराब. ..
शहर के सागर भोपाल राजमार्ग हो या कलेक्ट्रेट कालोनी से लेकर सालेरा विदिशामार्ग इसकी हालत इतनी जर्जर हो गई है कि राहगीर तंग आ चुके हैं। इस मार्ग से गुजरने वाले बरसात होते ही कीचड़ से परेशान हो जाते हैं तो वहीं बारिश बंद होते ही धूल के गुब्बार तंग कर रहा है। वहीं विगत तीन दिन से बारिश बंद हो गया है। जिसके चलते दिन हो या रात लगातार इस मार्ग पर धूल का गुब्बार उठ रहा है।
जिससे आमजन परेशान हो गए हैं। ऐसे में इन दिनों सड़क पर किसी भी समय धूल का गुबार आसानी से देखा जा सकता है। सुबह से लेकर रात तक यहां ऐसा कोई समय नहीं जहां धूल की आंधी दिखाई ना दे। दुपहिया वाहन सवार इन दिनों धूल के कोहराम के कारण दिन में भी वाहनों की लाइटें जलाकर चलने को मजबूर हैं।
साथ ही सोमवार को सुबह से तेज धूप निकली हुई थी।लेकिन दोपहर में अचानक मौसम में परिवर्तन हुआ और तेज अंधड़ शुरू हो गई।जिससे करीब घंटा भर तक धूल के कारण सड़कें नजर नहीं आ रही थी।जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं स्थानीय लोगों की मानें तो बरसात के दिनों में इस मार्ग पर आए दिन छोटे वाहन चालक सड़क में बने गड्ढे में फंसकर गिरकर घायल हो रहे हैं।
सुधार कार्य जरूरी….
इस संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि सागर भोपाल राज मार्ग में न तो बारिश में राहत है और न ही सूखे समय में ।क्योंकि बरसात भर तो कीचड़ तो मौसम साफ होते ही धूल परेशान कर रही है, ऐसे में सड़क किनारे व्यवसाय करने वालों को हमेशा गंभीर बीमारी का भय सताते रहता है। साथ ही छोटे वाहन चालक भारी वाहनों से साइड लेने के चक्कर में अक्सर गिर कर घायल होते रहते हैं। ऐसे में इस मार्ग का सुधार कार्य काफी जरूरी हो गया है।



