शासन की मदद से तक्षवी और उसके माता पिता के उदास चेहरे पर आई मुस्कान
रायसेन । कहते हैं अपने बच्चों की मुस्कान देख कर माता-पिता अपनी सारी दुख तकलीफें भूल जातें है परंतु स्वयं के बच्चे को देख कर चिंता डर और मायूसी मन में आये तो दुख का अंदाज़ा वो स्वयं लगा सकता है जो इस समय से स्वयं गुज़रा हो।
गैरतगंज के ग्राम सुल्तानजहांपुर निवासी अमित यादव के यहां जन्मी पुत्री तक्षवी यादव की जो जन्मी थी कटे हुए होंठ के साथ जो एक प्रकार की जन्मजात विकृति है। जो भारत में प्रति दस हज़ार बच्चों पर नौं बच्चों को पाई जाती है, उक्त प्रकरण की जानकारी जब आयुष चिकित्सा अधिकारी डाक्टर सोनिया जैन और डाक्टर अंकुर जैन की आरबीएसके टीम को मिली तो उन्होंने अविलंब बच्चे से संपर्क कर प्राथमिक जांच की तदुपरांत बीएमओ डाक्टर अरनिष्ठ लाल को जानकारी साझा करते हुए भोपाल के बड़े अस्पताल में सर्जरी के लिए भिजवाया। जहाँ बच्ची का निःशुल्क सफ़ल ऑपरेशन किया गया अब बच्ची उपचार के बाद वापस अपने घर आ चुकी है।
बीएमओ डाक्टर अरनिष्ठ लाल, डाक्टर अंकुर जैन एवं बीसीएम जितेंद्र जैन ने पुनः बच्ची का स्वस्थ परीक्षण किया एवं हालचाल और अनुभव जाना बच्ची अब पूर्णतः स्वस्थ है, और परिजन भी संतुष्ट हैं। वे शासन की कल्याणकारी योजनाओं एवं डॉक्टर्स के अथक प्रयासों की सराहना करते हैं। उल्लेखनीय है कि सिविल अस्पताल गैरतगंज की इस आरबीएसके टीम ने पूर्व में भी अपने प्रयासों से शासकीय योजनाओं द्वारा कई जरूरतमंद बच्चों की सर्जरी निःशुल्क करवाई है। जिनमें हद्य रोग, मुड़ा हुआ पैर, कान के पर्दे में छेद, दंत रोग, कॉकलियर इम्प्लांट, कटा होंठ एवं तालू आदि भी शामिल हैं।



