शिक्षक राष्ट्र निर्माता, उनके सम्मान से बढ़ता है शिक्षा का गौरव: रामपाल सिंह

नपाध्यक्ष संदीप लोधी ने सेवानिवृत्त शिक्षकों, शिक्षकों और पत्रकारों को शॉल-श्रीफल व स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । शिक्षक दिवस के अवसर पर नसिया परिसर में नगर पालिका अध्यक्ष संदीप लोधी के नेतृत्व में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ठाकुर रामपाल सिंह की मौजूदगी में सेवानिवृत्त शिक्षकों, कार्यरत शिक्षकों, शिक्षिकाओं एवं पत्रकारों का सम्मान कर शिक्षा और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान को सराहा गया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा आगंतुकों के पुष्पवर्षा से स्वागत के साथ हुई। इसके बाद विद्या की देवी मां सरस्वती एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। समारोह में नगर के गणमान्य नागरिक, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ठाकुर रामपाल सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप लोधी, नगर मंडल अध्यक्ष अजय सिंह जाट, पिछड़ा वर्ग जिला अध्यक्ष कमल सिंह साहू, जिला पंचायत सभापति राजा दिग्विजय सिंह, जनपद उपाध्यक्ष मेहरबान सिंह लोधी, जिला मंत्री जगदीश लोधी एवं राकेश भार्गव ने शिक्षकों के त्याग, समर्पण और सेवाभाव की सराहना की।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा नहीं देते, बल्कि समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने का काम करते हैं। शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनके सम्मान से समाज में शिक्षा के प्रति सम्मान एवं जागरूकता बढ़ती है। सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षकों का अनुभव और मार्गदर्शन समाज के लिए महत्वपूर्ण बना रहता है।
मुख्य अतिथि ठाकुर रामपाल सिंह ने नगर पालिका अध्यक्ष संदीप लोधी के इस प्रयास की सराहना करते हुए शिक्षक दिवस पर आयोजित होने वाले सम्मान समारोह की शुरुआत से जुड़े संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि जब वे पहली बार विधायक बने थे, तब शिक्षक दिवस का कार्यक्रम उदयपुरा में आयोजित किया जाता था। बेगमगंज और सुल्तानगंज से शिक्षक दो-तीन वाहनों से उदयपुरा पहुंचते थे, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती थी। बाद में साथियों के प्रयास से बेगमगंज, सुल्तानगंज और बम्होरी में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित होने लगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और शिक्षकों के सम्मान की यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।
सम्मान समारोह में वर्ष 2025-26 में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों से सम्मान की शुरुआत की गई। इसके बाद शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं पत्रकारों को स्मृति चिह्न, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि मंचासीन अतिथियों ने स्वयं का स्वागत कराने के बजाय शिक्षकों के सम्मान को प्राथमिकता दी। इस पहल की उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रदीप सोनी ‘शून्य’ ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन नगर पालिका अध्यक्ष संदीप लोधी ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर उक्त के अलावा मंचासीनों में पंडित लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी, नपा उपाध्यक्ष सुदर्शन घोषी, जिला पंचायत सदस्य मोहित लोधी, जनपद सदस्य लोकेंद्र लोधी, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी दुबे, बसंत शर्मा,पार्षद अजय जैन, प्रवीण जैन, राजीव दुबे, लोकराज ठाकुर, गुलाब रजक, बृजेश लोधी, महेश साहू, ओंकार यादव, रवि राज, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष सचिन नेमा, पूर्व अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह तोमर, महिला नेत्री सविता भार्गव, गायत्री नगरिया, राजकुमारी शाक्या एल्डरमैनों सहित अन्य लोग उपस्थित थे।



