श्रीमद्भागवत पुराण भगवान का साक्षात स्वरूप है : वेदांतीजी महाराज
गाजे बाजे के साथ निकली शोभायात्रा
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l उमरियापान के अंधेलीबाग तिराहा स्थित असाटी होटल के संचालक केशव असाटी के निवास स्थल पर सात दिवसीय श्रीमद् भागवत पुराण का आयोजन किया जा रहा है l
यजमान केशव लक्ष्मी असाटी सुलोचना बाई के निवास मे चल रही श्रीमद भागवत पुराण की शोभायात्रा मे कथावाचक वेदांती जी महाराज के सानिध्य में व ग्रामवासियों की मौजूदगी मे विशाल जुलूस के रूप में कलश यात्रा निकाली गई l
कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए बड़ी मांई मंदिर, चंडी माता, हनुमान मंदिर, शनि मंदिर, शिव मंदिर, छोटी मढिय़ा, बडी मढिया सहित सभी मंदिरों मे पहुंची l
शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक परिधानों से सुसज्जित मातृशक्ति विशेष आकर्षण का केंद्र लग रही थी सभी अपने सिर पर कलश शिरोधार्य करे हुई थी। बच्चे हाथ मे सतरंगे ध्वज थामे थे।
मार्ग पर जगह-जगह ग्रामवासी ने
भगवताचार्य महाराज पर पुष्प वर्षा कर रहे थे । ग्राम के मुख्य मंदिरों में पहुँचकर श्रीमद्भागवत पुराण ग्रंथ को मंदिरों में स्थापित देवी देवताओं की मूर्ति से स्पर्श कराया गया एवं भगवान की पूजा अर्चना की गई। कथा के प्रथम दिवस आंसदी से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए वेदांती महाराज ने कहा की श्रीमद्भागवत योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात स्वरूप है।
इस मौके पर व्यासपीठ एवं कथा वाचक पंडित वेदांती जी महाराज की आरती केशव लक्ष्मी, सुलोचना असाटी, ओंमकार असाटी, राजेंद्र असाटी, आलोक श्रीमती पूजा असाटी, भागवती मीना, शरद, कैलाश, बलराम, दीपचंद, मुकेश, नरेंद्र, नीतू सुशील, सुनील, प्रहलाद, श्रीकांत असाटी सहित अनेक लोगो ने
आरती उतारी l



