खाद गोदाम सलामतपुर में खाद का टोटा बताकर प्रबंधक कर रहे खाद की हो रही कालाबाजारी
बड़े किसानों को भरपूर खाद छोटे किसानों को बैरंग लौटाया
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । खाद गोदाम सलामतपुर में लंबे समय से भर्राशाही का आलम है । बड़े किसानों को गोदाम प्रबंधक इंद्र सिंह जादोन द्वारा भरपूर खाद मोटा कमीशन लेकर लोडिंग वाहनों में उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं छोटे व अन्नदाताओं को खाद गोदाम से बैरंग लौटा दिया जाता है। मनमानी लापरवाही का आलम यह है कि खाद के किसान खाद गोदाम के सैकड़ों चक्कर काटने के बाद भी निराश होकर वापिस जाना पड़ रहा है।
डीएपी, यूरिया खाद की हो रही धड़ल्ले से ब्लैक मार्केटिंग…. किसान परेशान किसान संगठन बने बेखबर
सलामतपुर की खाद गोदाम पर भरपूर डीएपी और वीडियो सहित अन्य स्टाफ मौजूद है किसान मलखान सिंह मीणा, सोजना धन्नूलाल मीणा, मेहताबसिंह, भगवानसिंह मीणा सहित अन्नदाता ने मीडिया कर्मियों को बताया कि खाद गोदाम के मैनेजर जादौन द्वारा हरेक 10 बोरी पर पहले नकद 500 रुपये वसूल किया जा रहा है । जिससे किसान खुद को ठगा सा महसूस कर
रहे हैं। किसानों का कहना है कि रबी सीजन की बोवनी का समय चल रहा है तो कहीं खेतों में गेंहू की फसल में यूरिया खाद का छिड़काव करना है । कहीं-कहीं डीएपी खाद की जरूरत पड़ रही है। ऐसी स्थिति में उन्हें खाद गोदाम के प्रबंधक जादौन द्वारा खाद के बदले जबरिया रकम वसूल की जा रही है । इस पर सख्ती से रोक लगाया जाना चाहिए । इधर किसानों का कहना है कि किसान संगठनों नुमाइंदे भी इस गड़बड़झाले में खामोश बने हुए हैं । सरकारों के मंत्री सांसद और विधायक भी बेखबर है। ऐसे में उनको खाद आपूर्ति की व्यवस्था आखिर कौन सुनिश्चित करें। अन्नदाताओं ने कलेक्टर अरविंद दुबे और जिला विपणन कार्यालय रायसेन के महाप्रबंधक नीरज भार्गव एमपी एग्रो रायसेन से हो रही खाद कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाना चाहिए। वही खाद गोदाम प्रबंधक पर दंडात्मक कार्यवाही की जाना चाहिए। गोदाम में रखा खाद का स्टाक आवक जावक रजिस्टर में चेक करके मैनेजर जादौन पर उचित दण्डात्मक कार्रवाई की जाना चाहिए । किसानों का कहना है कि खाद गोदाम सलामतपुर के मैनेजर द्वारा की जमकर कालाबाजारी की जा रही है ।जिससे किसान ठगा सा महसूस कर रहे हैं। रसूखदार और बड़े किसानों के लोडिंग वाहन खाद गोदाम परिसर सलामतपुर में खड़े रहते हैं। उनमें हम्मालों द्वारा यूरिया डीएपी खाद की बोरियां भर दी जाती हैं ।छोटे किसानों को यूरिया और डीएपी खाद के लिए मुंह ताकना पड़ता है । यहां वर्षों से जमे खाद गोदाम प्रबंधक जादौन का तबादला जल्द किया जाए ।साथ ही उन पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाना चाहिए।




