श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्म पर झूम उठे श्रद्धालु
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । शहर के गांधी बाजार स्थित शिवालय मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान जैसे भगवान का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोग झूमने-नाचने लगे। भगवान श्रीकृष्ण की वेश में नन्हें बालक के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे। भगवान के जन्म की खुशी पर महिलाओं द्वारा अपने घरों से लए गए गुड़ के लड्डूओं से भगवान को भोग लगाया गया। इस अवसर पर कथावाचक भारती दीदी ने कहा कि जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, चारों ओर अत्याचार, अनाचार का साम्राज्य फैल गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया। श्री कृष्ण के 23 जन्मों के बंधन के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि जिस समय भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, जेल के ताले टूट गए। पहरेदार सो गये, वासुदेव व देवकी बंधन मुक्त हो गए, प्रभु की कृपा से कुछ भी असंभव नहीं है। कृपा न होने पर प्रभु मनुष्य को सभी सुखों से वंचित कर देते हैं। भगवान का जन्म होने के बाद वासुदेव ने भरी जमुना पार करके उन्हें गोकुल पहुंचा दिया। वहां से वह यशोदा के यहां पैदा हुई शक्तिरूपा बेटी को लेकर चले आए। कृष्ण जन्मोत्सव पर नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गीत पर भक्त जमकर झूमे। उन्होंने कहा कि कंस ने वासुदेव के हाथ से कन्य रूपी शक्तिरूपा को छीनकर जमीन पर पटकना चाहा तो वह कन्या राजा कंस के हाथ से छूटकर आसमान में चली गई। शक्ति रूप में प्रकट होकर आकाशवाणी करने लगी कि कंस, तेरा वध करने वाला पैदा हो चुका है भयभीत कंस खीजता हुआ अपने महल की ओर लौट गया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
कथा स्थल पर, सुरेश ताम्रकार मनोज सोनी शैलेश ताम्रकार राजीव नेमा, सतीश ताम्रकार, राकेश सोनी ओंमकार साहू, पंकज सोनी, राजू साहू, संतोष साहू सोनू श्रीवास, नितिन, रवि श्रीवास, शैलेश ताम्रकार, विष्णु महाराज, पंकज सोनी आदि व्यवस्थाओं में मगन नजर आए।



