क्राइम

सरकारी राशि की बंदरबांट मामले में तीन सस्पेंड होगी एफआईआर

कर्मचारियों की भविष्य निधि घोटाले मामले में स्वास्थ्य मंत्री बोले होगी जांच
3 को किया सस्पेंड 3 पर मेहरबानी सस्पेंड की प्रक्रिया पर उठे सवाल
ब्यूरो चीफ विनीत माहेश्वरी
रायसेन। सीएमएचओ कार्यालय में कर्मचारियों की भविष्य निधि सहित अन्य भत्ता एवं यात्रा व्यय के नाम पर करोड़ों रूपए की बंदरबांट का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मचा हुआ है। इस घोटाले के मामले की परते तब खुली जब मध्यप्रदेश ट्रेजरी पोर्टल के नए वर्जन इंट्रीगे्रटैड फाइनेंशियल मानीटरिंक सिस्टम बदलने के बाद यह पूरा घोटाला सामने आया। यह पूरा घोटाला टीए बिल, यात्रा भत्ता बिल सहित कर्मचारियों की भविष्य निधि में भी सेंध लगा दी गई। वहीं यह मामला सामने आने के बाद हड़कप मचा हुआ है और इस पूरे मामले की जांच में गुपचुप तरीके से पिछले 10 दिन से जारी थी, लेकिन इस मामले को मृगांचल एक्सप्रेस ने प्रमुखता से साथ प्रसारित किए जाने के बाद इस पूरे मामले में तीन को सस्पेंड किए जाने की कार्रवाई की गई है। जिनमें मोहम्मद साजिद जैलानी, हेमंत मोहबिया, अरविंद चावरिया शामिल है। वहीं सूत्रों की माने तो इस कार्रवाई में प्रीतम, कैलाश, शाहिद पर कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे इस पूरी जांच एवं सस्पेंड की प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े होना शुरू हो गए है। वहीं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी भी इस पूरे मामले में बचते हुए नजर आए सिर्फ इतना कहा कि जो भी गडबड़ी हुई है,उसकी जांच की जाएगी।
रिश्तेदारों को बना दिया लखपति
सीएमएचओ कार्यालय एवं अन्य ब्लाकों में लेखापाल द्वारा रातों रात इस घोटाले के जरिए अपने रिश्तेदारों को लखपति बना दिया है। करोड़ों रूपए के इस घोटाले के मामले को रफा दफा किए जाने की कोशिश की गई, लेकिन मृगांचल एक्सप्रेस द्वारा इस पूरे घोटाले को उजागार किए जाने के बाद तीन कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है, जिनमें लेखापाल मोहम्मद साजिद जैलानी, प्रभारी कप्यूटर संचालन हेंमत एवं अरिवंद पर कार्रवाई की गाज गिरी है। जिनमें मोहम्मद साजिद जैलानी को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा था, लेकिन के बाद भी महत्वपूर्ण लेखा शाखा दिया जाना कई सवालों को जन्म दे रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा होगी जांच:-
रायसेन के दशहरा मैदान पर स्थित सीएमएचओ कार्यालय में कर्मचारी भविष्य निधि में हुई अनियमित्ता के मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होगी। इस मामले को लेकर मीडिया कर्मियों ने एक कार्यक्रम में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किए तो उन्होने सिर्फ इतना जबाब दिया कि कोई भी गडबड़ी हुई है तो उसकी जांच की जाएगी।
इस संबंध में डॉ. दिनेश खत्री सीएमएचओ रायसेन का कहना है कि अनियमित्ता के मामले में तीन कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है और एफआईआर दर्ज किए जाने की कार्रवाई भी प्रक्रिया में है। वहंी इस मामले के अन्य दोषियों को भी जांच के उपरांत बख्शा नहीं जाएगा।

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