ज्योतिष

आज का पंचांग आज का पंचांग मंगलवार, 27 फरवरी 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 27 फरवरी 2024

हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
⛈️ मास – फाल्गुन मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि 01:53 AM तक उपरांत चतुर्थी
✏️ तिथि स्वामी : तृतीया तिथि के देवता हैं यक्षराज कुबेर। इस तिथि में कुबेर का पूजन करने से व्यक्ति धनवान बन जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र हस्त पूर्ण रात्रि तक
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है। तथा नक्षत्र मंडल का स्वामी देवता है सवितृ अर्थात् सूर्य देवता हैं।
🔕 योग – शूल योग 04:25 PM तक, उसके बाद गण्ड योग
प्रथम करण : वणिज – 12:35 पी एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 01:53 ए एम, फरवरी 28 तक बव
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदय- प्रातः 06:18:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:42:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:09 ए एम से 05:59 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:34 ए एम से 06:49 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:11 पी एम से 12:57 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:29 पी एम से 03:15 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:17 पी एम से 06:42 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:19 पी एम से 07:34 पी एम
💧 अमृत काल : 12:47 ए एम, फरवरी 28 से 02:36 ए एम, फरवरी 28
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 28 से 12:59 ए एम, फरवरी 28
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में लाल ध्वजा चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/सीमान्तोनयन/पुंसवन संस्कार मुहूर्त, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद स्मृति दिवस, संदीप सिंह, भारतीय हॉकी खिलाड़ी जन्म दिवस, नानाजी देशमुख पुण्य तिथि, विष्णु वामन शिरवाडकर जन्म दिवस, मुगल सम्राट बहादुर शाह स्मृति दिवस, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, राष्ट्रीय पोकेमॉन दिवस, राष्ट्रीय कहलुआ दिवस, द बिग ब्रेकफास्ट डे, अंतर्राष्ट्रीय ध्रुवीय भालू दिवस, राष्ट्रीय स्ट्रॉबेरी दिवस
✍🏼 विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है।
🗼 Vastu tips 🗽
घर का बाग बगीचा साफ होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार ध्यान रहे कि सूखे और मुरझाए हुए फूल घर के गार्डन में न हों क्योंकि ऐसे फूल घर में दरिद्रता लाते हैं और इनसे वास्तु दोष लगता है। बहतर है कि ऐसे फूलों को हटा दें।
घर में अधिकतर वास्तु दोष टूटी-फूटी चीजें रखने से होता है तो इस प्रकार से घर में कबाड़ न एकत्रित होने दें और घर को साफ सुथरा रखें। जहां गंदगी होती है वहां सबसे पहले वास्तु दोष लगता है।
आपके घर में कहीं भी पानी नल से न टपकता हो इसका अवश्य ध्यान रखें। वास्तु के अनुसार टपकते हुए नल को तुरंत बदलवा लें या ठीक करा लें क्योंकि ऐसे नल घर में मानसिक तनाव देते हैं।
घर में जल की निकासी उत्तर या पूर्व दिशा में ही होनी चाहिए। घर निर्माण कराते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
सूर्यास्त के बाद शाम के समय घर में बाहर की लाईट ऑन रखनी चाहिए। माना जाता है ऐसा करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं। वास्तु के लिहाज से घर में शाम के समय बाहर एक लाईट का जलना शुभ होता है और सकारात्मकता आती है साथ ही उस घर में माना जाता है कि मां लक्ष्मी का आगमन होता है।इसलिए सूर्यास्त के बाद रात के समय घर में अंधेरा न होने दें।
सुबह की पहली रोटी गौ माता को अवश्य परोसें। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और घर में वास्तु दोष नहीं लगता है। जिस घर में पहली रोटी गौ माता को खिलाई जाती है वहां अन्न की कमी नहीं रहती है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
घर की सफ़ाई बहुत ज़रूरी है तुरंत इन हैक्स का पालन करें
बाथरूम और रसोई में नाली बढ़िया काम करती है। ऐसे में आप कूड़े को अच्छे से साफ़ करने के लिए नींबू को काटकर नाली में डाल सकते हैं। ऐसे पानी में कोई गंध नहीं होगी.
कालीन को साफ करने के लिए इसे आइसोप्रोपिल अल्कोहल, वोदका, टकीला या व्हाइट वाइन से साफ करें।
शीशे को साफ करने के लिए आप शेविंग क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसा करने के लिए गिलास पर शेविंग क्रीम लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गीले कपड़े से पोंछ लें।
टॉयलेट को साफ करने के लिए टॉयलेट बाउल में बेकिंग सोडा, सफेद सिरके की कुछ बूंदें डालें और 30 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद इसे पानी से साफ कर लें. आपका बाथरूम चमक उठेगा.
🥝 आरोग्य संजीवनी 🍊
बीमारियों से बचने के लिए खट्टे फल खाएं मौसम बदलने पर आप खट्टे मौसमी फलों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. ये बहुत फायदेमंद माने जाते हैं. इनसे शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी मिलता है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। संतरा, नींबू, अंगूर खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है और इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं इस मौसम में पालक, केला और स्विस चर्ड जैसी पत्तेदार सब्जियां खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। इनमें विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, हरी पत्तेदार सब्जियाँ आहार नाइट्रेट का खजाना हैं, जो सूजन-रोधी गुणों वाले कार्बनिक यौगिक हैं और प्रतिरक्षा में सुधार करने का काम करते हैं।
हाइड्रेशन का भी ख्याल रखें खाने के साथ-साथ पानी पीने से भी शरीर को कई बीमारियों से बचाया जा सकता है। पानी शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करता है। जिससे शरीर बीमार नहीं पड़ता। पानी की कमी रोग प्रतिरोधक क्षमता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
ग्रह शांति के लिए मौन धारण कर मानसिक जप करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है। भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवत गीता में वाक्संयम को तप की संज्ञा दी है। मौनव्रत से गंभीरता, आत्मशक्ति तथा वाकशक्ति में वृद्धि होती है। मौन से तात्पर्य है बिना दिखावे के सेवा करना। मौन रहना सभी गुणों में सर्वोपरि है। मौन का अर्थ है संयम के द्वारा धीरे-धीरे इन्द्रियों तथा मन की कार्यपद्धति को संयमित करना। समस्त सिद्धियों के मूल में मौन ही है। जैसे निद्रा से उठने पर शरीर, मन एवं बुद्धि में नई स्फूर्ति दिखाई देती है वैसे ही मौन रहने पर सर्वदा वही स्फूर्ति शरीर के साथ मन एवं बुद्धि में बनी रहती है। मौन रहने से आध्यात्मिक शक्तियों का विकास तो होता ही है, साथ ही शरीर में ऊर्जा भी संग्रहित होती है। प्रतिदिन कुछ समय मौन रहकर अपनी आत्मशक्ति का विकास कर अपनी आत्मा के निकट आंतरिक संवाद, ध्यान अवश्य करना चाहिए। अगर प्रतिदिन कुछ समय के लिए मौन व्रत न धारण कर पाएं तो सप्ताह में एक दिन कुछ समय के लिए अथवा माह में एक दिन मौन व्रत अवश्य रखना चाहिए। प्रत्येक अमावस्या के दिन मौन व्रत अवश्य धारण करना चाहिए, धर्मशास्त्रों में माघ मास की अमावस्या को मौन व्रत धारण कर स्नान-दान करने के विधि-विधान को अनन्त कोटि गुना फलदायक माना गया है। जीवन भर लोभ, मोह, छल, कपट, काम, क्रोध, माया की दलदल में फंसा, कलियुग का श्रेष्ठ आधुनिक मानव कम से कम साल भर में मात्र एक दिन मौन व्रत धारण कर अपनी सूक्ष्म आन्तरित शक्तियों को पुनः संग्रहित कर सकता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन व्रत के रूप में मौन धारण कर पूर्ण करने वाले को मुनिपद प्राप्त होता है, जिससे अगले जन्म में व्रतकर्ता मुनि कहलाने का अधिकारी बनता है और अंत में ब्रह्मलोक प्राप्त कर लेता है। मौन व्रत रखने के धार्मिक लाभ होने के साथ ही व्यक्ति के आत्मबल की वृद्धि होती है। साथ ही साथ कम बोलने का अभ्यास भी सरलता से हो जाता है। मौनव्रत में किसी भी प्रकार के शब्दोच्चार अथवा फुसफुसा कर बात करना भी वर्जित है। मौनव्रत से गंभीरता, आत्मशक्ति तथा वाक शक्ति में वृद्धि होती है। कम बोलने का अभ्यास होने के साथ अधिक बोलने के दोष का निवारण भी हो जाता है। कबीर भी बोलने और मौन में सामंजस्य बनाने को कहते हैंः अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप। अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।।
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⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।
तृतीया तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर होता है अर्थात उनकी बुद्धि भ्रमित होती है। इस तिथि का जातक आलसी और मेहनत से जी चुराने वाला होता है। ये दूसरे व्यक्ति से जल्दी घुलते मिलते नहीं हैं बल्कि लोगों के प्रति इनके मन में द्वेष की भावना भी रहती है। इनके जीवन में धन की कमी रहती है, इन्हें धन कमाने के लिए काफी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है।

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